मैनपुरी में समायोजित शिक्षकों की होगी वापसी 🔥
BSA का बड़ा आदेश: जिन शिक्षकों के मूल विद्यालय हुए एकल/बंद, उन्हें तुरंत लौटाया जाएगा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मैनपुरी की ओर से समायोजन 1.0 एवं समायोजन 2.0 को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के बाद उन शिक्षकों में हलचल तेज हो गई है जो समायोजन के तहत दूसरे विद्यालयों में कार्यरत थे जबकि उनका मूल विद्यालय एकल अथवा बंद श्रेणी में चला गया था।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता द्वारा जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि ऐसे शिक्षकों को तत्काल उनके समायोजित विद्यालय से कार्यमुक्त कर मूल विद्यालय पर भेजा जाए।
क्या है पूरा मामला? 📌
समायोजन 1.0 और 2.0 के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों का दूसरे विद्यालयों में समायोजन किया गया था। लेकिन इनमें से कई मामलों में ऐसा हुआ कि शिक्षक के स्थानांतरण के बाद उसका मूल विद्यालय या तो:
- एकल शिक्षक विद्यालय बन गया
या - पूरी तरह बंद श्रेणी में पहुंच गया।
ऐसी स्थिति में विभाग ने पूर्व में 15 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर इन शिक्षकों को मूल विद्यालय वापस भेजने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, प्रभावित शिक्षकों द्वारा इस आदेश के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका संख्या 18164/2025 दाखिल कर दी गई थी, जिसके चलते विभाग कार्रवाई नहीं कर पाया।
हाईकोर्ट में क्या हुआ? ⚖️
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को पारित आदेश के क्रम में याचियों द्वारा अपनी रिट याचिका वापस ले ली गई।
याचिका वापस होते ही विभाग ने अब पुनः सख्त रुख अपनाते हुए आदेश लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब क्या होंगे निर्देश? 🚨
BSA कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
✅ जिन शिक्षकों के समायोजन के कारण उनका मूल विद्यालय एकल या बंद श्रेणी में आ गया है (पेयर विद्यालयों को छोड़कर),
✅ उन्हें तत्काल वर्तमान समायोजित विद्यालय से कार्यमुक्त किया जाए,
✅ और मूल विद्यालय में पुनः कार्यभार ग्रहण कराया जाए।
शिक्षकों में बढ़ी चिंता 😟
इस आदेश के बाद कई शिक्षकों में असमंजस और चिंता का माहौल देखा जा रहा है। वर्षों से दूसरे विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक अब दोबारा पुराने विद्यालयों में भेजे जा सकते हैं।
विशेष रूप से वे शिक्षक परेशान हैं जिन्होंने:
- नए स्थान पर आवास लिया,
- परिवार शिफ्ट किया,
- बच्चों का स्कूल बदला,
- अथवा लंबी दूरी की समस्या से राहत पाई थी।
विभाग का तर्क क्या है? 🏫
विभाग का मानना है कि किसी भी विद्यालय को:
- पूर्णतः शिक्षक विहीन,
- या केवल एक शिक्षक के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐसे में मूल विद्यालयों में शिक्षकों की वापसी आवश्यक मानी जा रही है।
शिक्षक संगठनों की नजर अगले कदम पर 👀
अब सभी की नजर इस बात पर है कि:
- क्या शिक्षक संगठन इस आदेश का विरोध करेंगे?
- क्या दोबारा कानूनी लड़ाई शुरू होगी?
- या विभाग बड़े स्तर पर पुनः समायोजन नीति लाएगा?
फिलहाल विभाग ने “तत्काल कार्यमुक्ति” शब्द का प्रयोग कर स्पष्ट संकेत दे दिया है कि इस बार कार्रवाई तेज गति से की जाएगी।
📢 सरकारी कलम लगातार शिक्षा विभाग और शिक्षकों से जुड़ी हर बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
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