समायोजन विशेष
समायोजन विशेष* :
समायोजन प्रक्रिया में 30 अप्रैल 2026 के UDISE डाटा को आधार बनाकर छात्र नामांकन का भौतिक सत्यापन करना वर्तमान परिस्थितियों में न्यायसंगत नहीं प्रतीत होता। कारण स्पष्ट है—पूरे प्रदेश में 30 अप्रैल तक UDISE पोर्टल नए छात्रों के नामांकन के लिए खुला ही नहीं था। ऐसे में स्वाभाविक है कि नए छात्रों की प्रविष्टि नहीं हो पाई, जबकि 01 अप्रैल से कक्षा 5 एवं कक्षा 8 के छात्र क्रमोन्नति के कारण संख्या में कम दिखने लगे।
इस असंतुलित डाटा के आधार पर सरप्लस निर्धारण करना वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करना होगा। इसके विपरीत, प्रेरणा पोर्टल पर लगातार नामांकन होते रहे और उसका दैनिक अपडेट भी उपलब्ध है, जो जमीनी सच्चाई के अधिक करीब है।
यदि सरकार को डिजिटल डाटा को ही आधार बनाना है, तो प्रेरणा पोर्टल के डाटा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अन्यथा, गलत आधार पर लिए गए निर्णय से हजारों शिक्षक अनावश्यक रूप से सरप्लस घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि वास्तविक उपस्थिति पंजिका और प्रेरणा पोर्टल के अनुसार वे सरप्लस नहीं हैं।

अतः आवश्यक है कि निर्णय लेते समय व्यावहारिक और अद्यतन स्रोतों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में अनावश्यक असंतुलन न उत्पन्न हो।
#surplusteacher Department of Basic Education Vivekanand Arya Sandeep Singh
समायोजन के मुख्य नियम
हाल ही में जारी नियमों के अनुसार, सरकारी स्कूलों में शिक्षक समायोजन के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण नियम लागू होंगे:
- यू-डाइस पोर्टल पर छात्र संख्या के आधार पर:
जिन विद्यालयों में छात्र संख्या मानक से अधिक होगी, वहां अधिक अध्यापक संख्या आवंटित की जाएगी। छात्र संख्या के आधार पर समायोजन किया जाएगा। - एकल शिक्षक वाले विद्यालयों को प्राथमिकता:
जिन विद्यालयों में केवल एक शिक्षक होता है, वहां समायोजन की प्रक्रिया विशेष रूप से लागू होगी। जिन विद्यालयों में एक से अधिक शिक्षक हैं, वहां से शिक्षक समायोजित किए जाएंगे। - आयु के आधार पर समायोजन:
जिन शिक्षकों को अधिशेष घोषित किया गया है, उनकी आयु के आधार पर अधिक आयु वाले शिक्षकों को प्राथमिकता देते हुए समायोजन किया जाएगा। - विकलांग शिक्षक का विशेष ध्यान:
यदि किसी विद्यालय में विकलांग शिक्षक है, तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी और अन्य शिक्षकों का समायोजन उसी के अनुसार किया जाएगा। - सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को छूट:
जो शिक्षक 31 मार्च, 2026 तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें समायोजन प्रक्रिया से मुक्त रखा जाएगा। - विकास खंड के अंदर समायोजन:
विकास खंड में अधिशेष शिक्षकों का समायोजन उसी खंड के अंदर किया जाएगा। यदि खंड में कोई अधिशेष शिक्षक नहीं है, तो नजदीकी खंड से समायोजन किया जाएगा। - स्थानांतरण की सीमा:
शिक्षक को अधिकतम दो विद्यालयों तक ही स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि हर विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक बने रहें।
