यूपी के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए डीए-डीआर बढ़ाने की मांग तेज, परिषद ने सरकार को भेजा प्रस्ताव 💰📢
उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों को दो प्रतिशत बढ़ा हुआ डीए देने की मांग उठाई है।
परिषद के अध्यक्ष JN Tiwari ने मुख्यमंत्री के ईमेल पोर्टल पर पत्र भेजकर 1 जनवरी 2026 से डीए वृद्धि का आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।
केंद्र सरकार 60 प्रतिशत कर चुकी है डीए 📈
परिषद का कहना है कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर चुकी है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को भी अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका लाभ देना चाहिए।
बताया गया कि यदि राज्य सरकार यह फैसला लागू करती है तो प्रदेश के करीब:
- 12 लाख कर्मचारी
- 16 लाख पेंशनर
सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
अप्रैल वेतन के साथ भुगतान की मांग 🏦
परिषद के महासचिव Arun Shukla ने बताया कि सरकार से मांग की गई है कि बढ़ा हुआ डीए अप्रैल माह के वेतन के साथ कर्मचारियों को दिया जाए।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच डीए वृद्धि कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत देने में मदद करेगी।
संविदा कर्मचारियों के विनियमितीकरण की भी उठी मांग 📄
डीए-डीआर वृद्धि के साथ-साथ परिषद ने संविदा कर्मचारियों के विनियमितीकरण (रेगुलराइजेशन) का मुद्दा भी उठाया है।
परिषद का कहना है कि लंबे समय से कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को स्थायी सेवा का लाभ मिलना चाहिए ताकि उन्हें नौकरी में सुरक्षा और अन्य सुविधाएं मिल सकें।
कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद 😊
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच इस मांग को लेकर काफी चर्चा है। यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
अब सभी की नजर प्रदेश सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को बढ़ा हुआ डीए और डीआर कब तक मिल पाता है।
