यूपी में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में तेजी, 2.41 लाख बच्चों का डाटा पोर्टल से लिंक ♿📚
उत्तर प्रदेश सरकार ने समावेशी शिक्षा को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार की नई डिजिटल पहल के तहत अब विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, पंजीकरण और शैक्षिक सहायता को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, समर्थ पोर्टल से जुड़े 2.41 लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों का डाटा प्रेरणा पोर्टल से लिंक किया जा चुका है। इसके साथ ही जिला और ब्लॉक स्तर पर पंजीकरण अभियान को भी तेजी से संचालित किया जा रहा है।
डिजिटल व्यवस्था से मिलेगा सीधा लाभ 💻
सरकार ने दिव्यांग बच्चों के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया है। समर्थ और प्रेरणा पोर्टल के एकीकरण से अब पात्र बच्चों तक योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।
इस व्यवस्था के जरिए बच्चों को:
- छात्रवृत्ति
- विशेष प्रशिक्षण
- सहायक उपकरण
- थेरेपी सेवाएं
- अन्य शैक्षिक सहायता योजनाएं
का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
पढ़ाई और प्रगति की होगी डिजिटल निगरानी 📈
नई प्रणाली के लागू होने के बाद अब दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और शैक्षिक प्रगति की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी संभव हो सकेगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे बच्चों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने और समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
कई जिलों में दिखी बेहतर प्रगति 🏫
इस अभियान में प्रदेश के कई जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से:
- Prayagraj
- Sitapur
- Lakhimpur Kheri
- Azamgarh
- Gonda
- Hardoi
जिलों में पंजीकरण और डाटा लिंकिंग का कार्य तेजी से आगे बढ़ा है।
समावेशी शिक्षा को मिलेगा मजबूती 🌟
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। डिजिटल सिस्टम के जरिए न केवल योजनाओं का लाभ सही बच्चों तक पहुंचेगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने में भी मदद मिलेगी।
प्रदेश सरकार की यह पहल ‘सबके लिए शिक्षा’ के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
