📢 सांसदों की सैलरी 24% बढ़ी: पूर्व सांसदों की पेंशन में भी हुई वृद्धि
📌 नई संशोधित दरें
सांसदों की वेतन वृद्धि से जुड़ी नई संशोधित दरें नीचे दी गई हैं:
| क्रम संख्या | विवरण | पुरानी दर (₹) (1 अप्रैल 2018 से) |
नई दर (₹) (1 अप्रैल 2023 से) |
|---|---|---|---|
| 1 | सांसदों का मासिक वेतन | ₹1,00,000 | ₹1,24,000 |
| 2 | प्रतिदिन भत्ता | ₹2,000 | ₹2,500 |
| 3 | पूर्व सांसदों की पेंशन | ₹25,000 | ₹31,000 |
| 4 | अतिरिक्त पेंशन (प्रत्येक 5 वर्षों की सेवा के लिए) | ₹2,000 | ₹2,500 |
📜 सरकार का बयान
सरकार ने यह निर्णय महंगाई और मुद्रास्फीति (Inflation) को ध्यान में रखते हुए लिया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह वृद्धि सांसदों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित वेतन और पेंशन सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
📊 जनता की प्रतिक्रिया
इस वेतन वृद्धि पर जनता की मिश्रित प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। कई लोग इसे सांसदों के कार्यों को और प्रभावी बनाने का जरिया मानते हैं, तो कुछ इसे जनता के करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ बता रहे हैं।
📜 आधिकारिक अधिसूचना
यह संशोधन संसदीय मामलों के मंत्रालय की अधिसूचना संख्या 4/3/2022-ME के तहत लागू किया गया है।
📢 आपकी राय क्या है?
क्या सांसदों की वेतन और पेंशन में यह वृद्धि उचित है? हमें कमेंट सेक्शन में बताएं।

