उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: प्रदेश में बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर एक अहम सवाल विधानसभा के प्रथम सत्र 2025 के प्रथम मंगलवार को मा० अखिलेश (मुबारकपुर), सदस्य, विधान सभा द्वारा उठाया गया। इस तारांकित प्रश्न संख्या-14 के माध्यम से सरकार से यह जानने का प्रयास किया गया कि क्या वर्षों से लंबित बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को सरकार समयबद्ध रूप से पूर्ण करेगी?
प्रश्न के मुख्य बिंदु:
- वर्षों से बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति नहीं होने के कारण अधिकांश पूर्व माध्यमिक विद्यालयों व प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद रिक्त हैं, जिसके कारण विद्यालयों का संचालन कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों द्वारा किया जा रहा है।
- पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की कमी के चलते विषयगत पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
- क्या सरकार बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को समय सीमा निर्धारित कर पूर्ण कराएगी?
- यदि हां, तो कब तक?
- यदि नहीं, तो इसके पीछे क्या कारण हैं?

सरकार का उत्तर:
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि –
✔️ बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया जारी है।
✔️ शासनादेश संख्या 2869/68-5-2022-349/2022 दिनांक 29.12.2022 और महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, 3000 के आदेश दिनांक 04.01.2023 के अनुपालन में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 (संशोधित) के नियम-18 के तहत जूनियर बेसिक विद्यालयों में कार्यरत स्थायी सहायक अध्यापकों की पदोन्नति प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
✔️ पदोन्नति के लिए पात्रता न्यूनतम 5 वर्षों के अध्यापन अनुभव पर आधारित होगी।
✔️ यह प्रक्रिया पूर्ण होते ही प्रधानाध्यापक (पूर्व माध्यमिक विद्यालयों) के पदों पर भी पदोन्नति की कार्यवाही की जाएगी।
समस्या का समाधान कब तक?
राज्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि पदोन्नति की प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है, लेकिन समय-सीमा का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। हालांकि, उत्तर में यह सुनिश्चित किया गया है कि बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति जल्द से जल्द पूरी की जाएगी।
क्या यह उत्तर संतोषजनक है?
शिक्षकों के हितों को देखते हुए, यह उत्तर निश्चित रूप से कुछ हद तक संतोषजनक है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कोई ठोस समय-सीमा न देने से शिक्षक समुदाय में चिंता बनी रह सकती है।
निष्कर्ष:
प्रदेश में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन इसकी समाप्ति की समय-सीमा स्पष्ट नहीं है। अब यह देखना होगा कि सरकार कब तक इस प्रक्रिया को पूर्ण करती है और विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित करती है।
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