SGPGI कैंपस में 35 साल पुराना केंद्रीय विद्यालय और नर्सरी स्कूल बंद होगा, नए दाखिले रोके गए 🏫🚸

SGPGI कैंपस में 35 साल पुराना केंद्रीय विद्यालय और नर्सरी स्कूल बंद होगा, नए दाखिले रोके गए 🏫🚸

लखनऊ, 19 मार्च 2025

एसजीपीजीआई कैंपस में संचालित 35 साल पुराना नर्सरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय अब बंद होने की कगार पर है। संस्थान प्रशासन ने ऑडिट में ज्यादा खर्च होने की आपत्ति के बाद इन स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत नर्सरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 1 और 11वीं में नए दाखिले पर रोक लगा दी गई है।

📌 प्रमुख बिंदु:
ऑडिट में सात करोड़ रुपये सालाना खर्च की आपत्ति
नए दाखिलों पर रोक, छात्रों की पढ़ाई पर संकट
संस्थान प्रशासन पीपीपी मॉडल पर निजी स्कूल खोलने की तैयारी में!


📢 क्यों बंद हो रहा है स्कूल?

📍 संस्थान प्रशासन का तर्क:

WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now
  • ऑडिट रिपोर्ट में स्कूलों के संचालन पर अत्यधिक खर्च को लेकर आपत्ति जताई गई।
  • हर साल शिक्षकों के वेतन और भवन के रखरखाव पर सात करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
  • PGI प्रशासन अब इन स्कूलों का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए करना चाहता है।

📍 कर्मचारी संगठन का विरोध:

  • संस्थान के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के बच्चों के लिए यह स्कूल शुरू किया गया था।
  • दो वर्षों में संस्थान में ढाई हजार नई भर्तियां हुई हैं, जिससे बच्चों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
  • कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत निजी स्कूल खोलने की योजना बना रहा है।

🎓 छात्रों की पढ़ाई पर संकट!

📌 नए दाखिले बंद होने के कारण:

  • नर्सरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय में अब कक्षा 1 और 11वीं के दाखिले नहीं होंगे।
  • जो छात्र 10वीं पास कर चुके हैं, उनके लिए आगे की पढ़ाई का संकट खड़ा हो गया है।
  • अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें अपने बच्चों के लिए नए स्कूल खोजना होगा।

📌 कौन-कौन पढ़ रहा था इन स्कूलों में?

  • कुल 712 छात्र पढ़ रहे थे, जिनमें से PGI स्टाफ के बच्चों की संख्या सिर्फ 150 थी।
  • शेष छात्र सेना, अर्धसैनिक बल और अन्य बाहरी परिवारों के बच्चे थे।

📌 क्या होगा इन छात्रों का?

  • स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्र अन्य केंद्रीय विद्यालयों में दाखिला ले सकते हैं।
  • हालांकि, अभिभावकों के लिए अचानक स्कूल बदलना मुश्किल होगा।

⚖️ क्या यह सही फैसला है?

💬 SGPGI के निदेशक डॉ. आरके धीमान का बयान:
“ऑडिट में सात करोड़ रुपये के सालाना खर्च पर आपत्ति जताई गई थी। नए दाखिले रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कारण दाखिलों पर रोक लगाई गई है।”

📢 क्या छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर कोई और समाधान निकाला जा सकता था?
📢 क्या PGI प्रशासन को खर्च नियंत्रित करने के लिए कोई वैकल्पिक उपाय अपनाना चाहिए था?

🔍 आपकी राय क्या है? हमें कमेंट में बताएं! 👇


🔍 Meta Keywords:

SGPGI स्कूल बंद, लखनऊ केंद्रीय विद्यालय बंद, नर्सरी स्कूल लखनऊ, PGI में स्कूल बंद, SGPGI कर्मचारियों का विरोध, लखनऊ शिक्षा समाचार, PGI प्रशासन का फैसला

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top