आरटीई सत्यापन: निजी स्कूलों में दाखिले और फीस प्रतिपूर्ति की जांच शुरू 🏫📜
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के तहत सत्र 2024-25 में निजी स्कूलों में दाखिल हुए बच्चों की संख्या का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही फीस प्रतिपूर्ति की रकम जारी होगी। यह सत्यापन 31 मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा।
📌 सत्यापन के प्रमुख बिंदु
✅ कितने बच्चों का वास्तव में दाखिला हुआ?
✅ कितने बच्चों ने पूरे साल पढ़ाई की?
✅ बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या?
✅ कितने बच्चों को स्कूलों ने प्रवेश नहीं दिया?
इस सत्यापन की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन और बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश कर रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर बीएसए की देखरेख में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
🏫 हाई-प्रोफाइल स्कूलों की मनमानी!
📢 पिछले सत्र (2024-25) में हाई-प्रोफाइल निजी स्कूलों ने 8118 बच्चों को प्रवेश नहीं दिया था।
📢 तत्कालीन जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए और मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
📢 कुछ बच्चों को बाद में प्रवेश मिला, लेकिन फिर भी कई बच्चे वंचित रह गए।
📊 आंकड़े: RTE के तहत दाखिले की स्थिति
🔹 सत्र 2024-25:
- कुल आवेदन: 24,000+
- चयनित बच्चे: 18,000+
- वास्तविक दाखिले: 9,882
🔹 सत्र 2025-26:
- अभी तक तीन चरण पूरे हो चुके हैं।
- 16,149 बच्चों का चयन हो चुका है।
- चौथे चरण में अब तक 1700 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं।
- अभी तक 6000 बच्चों को प्रवेश मिला, लेकिन बड़े स्कूल प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं।
⚠️ स्कूलों को नोटिस, 31 मार्च तक प्रवेश लेना होगा!
🏫 बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़े स्कूलों को चेतावनी दी है कि वे 31 मार्च तक चयनित बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करें।
🏫 इन स्कूलों को आरटीई पोर्टल पर सभी ब्योरा अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
🏫 आरटीई नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की एनओसी (No Objection Certificate) रद्द की जा सकती है।
📢 निष्कर्ष
सरकार आरटीई के तहत दाखिले और फीस प्रतिपूर्ति में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। सत्यापन के बाद ही स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति मिलेगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके।
📢 बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाए गए इन कदमों पर आपकी क्या राय है? हमें बताएं! 💬
