शिक्षामित्रों की स्थायीकरण की मांग तेज, बीटीसी शिक्षक संघ ने सरकार से की नई नियमावली बनाने की अपील
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने सरकार से 1.48 लाख शिक्षामित्रों को स्थायी करने की मांग की है। संघ का कहना है कि 25 जुलाई 2017 को समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्रों का मानदेय नहीं बढ़ा है और वे लगातार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि सरकार केवल शिक्षामित्रों को गुमराह कर रही है। अब तक आधा दर्जन से अधिक कमेटियां बनीं और दर्जनों बैठकें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
शिक्षामित्रों की प्रमुख समस्याएं:
✅ मानदेय में वृद्धि नहीं हुई
- 2017 में समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्रों का वेतन जस का तस बना हुआ है।
- वर्तमान में शिक्षामित्रों को मात्र 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो जीवन-यापन के लिए बेहद कम है।
✅ स्थायीकरण की मांग
- शिक्षामित्रों को नई नियमावली बनाकर स्थायी करने की जरूरत है।
- सरकार द्वारा कमेटियां बनाकर शिक्षामित्रों को केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा।
✅ भविष्य को लेकर अनिश्चितता
- 2017 के बाद से शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई।
- संघ ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए ठोस निर्णय लेने की अपील की है।
संघ की प्रमुख मांगें:
✅ शिक्षामित्रों को स्थायी किया जाए।
✅ मानदेय में बढ़ोतरी की जाए।
✅ शिक्षामित्रों के लिए नई सेवा नियमावली लागू की जाए।
✅ सरकार जल्द निर्णय ले, वरना आंदोलन होगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो शिक्षामित्र सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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