✅ आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की मंजूरी, जानें पूरी डिटेल!
नई दिल्ली: सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए उनके मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह कदम उन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रयासों को सराहने के लिए उठाया गया है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रही हैं।
🌍 शिशु और मातृ मृत्यु दर कम करने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि आशा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर बेहतर काम कर रही हैं। उनके प्रयासों की वजह से:
- ✔️ मातृ मृत्यु दर में कमी आई है।
- ✔️ आईएमआर (Infant Mortality Rate) यानी शिशु मृत्यु दर में सुधार हुआ है।
- ✔️ पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर नियंत्रित हुई है।
सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संचालित मिशन संचालन समूह (MSG) को इस संबंध में आगे बढ़ने की मंजूरी दे दी है।
📢 21,000 रुपये मानदेय करने की मांग
कुछ राज्यों से आशा कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक को बढ़ाने की मांग पहले से की जा रही थी। इसी मुद्दे को लेकर केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के सांसदों ने संसद में विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 21,000 रुपये करने और स्वास्थ्य कर्मियों को 5 लाख रुपये का बीमा देने की मांग उठाई।
💡 सरकार का निर्णय: आगे क्या?
सरकार ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए:
- ✔️ आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाने की अनुमति दी है।
- ✔️ भविष्य में और भी प्रोत्साहन योजनाएं लाने की योजना बनाई जा रही है।
- ✔️ राज्यों से कहा गया है कि वे अपने स्तर पर भी अतिरिक्त सहायता प्रदान करें।
🏥 आशा कार्यकर्ताओं के लिए नई योजनाएं
सरकार आशा कार्यकर्ताओं के लिए कुछ नई योजनाओं पर विचार कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
- ✔️ स्वास्थ्य बीमा योजनाएं
- ✔️ प्रशिक्षण और प्रमोशन के अवसर
- ✔️ आर्थिक सुरक्षा के लिए विशेष फंड
🔍 निष्कर्ष
आशा कार्यकर्ताओं के मेहनत को देखते हुए यह फैसला उचित और सराहनीय है। इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी।
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