📚 नए सत्र से छात्रों को ‘यूपी स्पेशल’ भी पढ़ना होगा
लखनऊ: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों में इस शैक्षणिक सत्र से बड़ा बदलाव किया गया है। अब **तीसरी और छठी कक्षा** की पुस्तकों में **उत्तर प्रदेश से संबंधित जानकारियां** जोड़ी जाएंगी, जिसे ‘यूपी स्पेशल‘ नाम दिया गया है।
📌 क्या होगा ‘यूपी स्पेशल’?
इस बदलाव के तहत छात्रों को उत्तर प्रदेश के **स्वतंत्रता संग्राम में योगदान**, **प्राचीन इतिहास**, **महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल**, **वैज्ञानिक योगदान**, **भूगोल**, **जनसंख्या**, और अन्य **महत्वपूर्ण तथ्य** पढ़ाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य **बच्चों को अपने राज्य की समृद्ध धरोहर और योगदान से अवगत कराना** है।
🔄 कौन-कौन सी किताबों में होंगे बदलाव?
- 📘 **हिंदी की किताबों में यूपी के प्रमुख साहित्यकारों और लेखकों की रचनाएं जोड़ी जाएंगी।**
- 📗 **सामाजिक विज्ञान की पुस्तकों में उत्तर प्रदेश का इतिहास, भूगोल, जलवायु, प्रमुख नेता, महापुरुषों का योगदान, आदि शामिल होगा।**
- 📙 **अंग्रेजी विषय की किताबों में भी यूपी से जुड़े तथ्यों का समावेश किया जाएगा।**
🚀 छात्रों के लिए क्या होगा लाभ?
इस बदलाव से छात्रों को अपने राज्य की **संस्कृति, विरासत, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक योगदान के बारे में गहरी समझ** मिलेगी। इससे **राज्य के प्रति जागरूकता और गर्व की भावना** भी विकसित होगी।
📌 यूपी सरकार की पहल
यूपी सरकार ने इस बदलाव को लागू करने के लिए **विशेषज्ञों की एक टीम** बनाई थी, जिन्होंने **महत्वपूर्ण तथ्यों का चयन कर पाठ्यक्रम में शामिल** किया।
साल 2019 से यूपी के सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू की गई थीं। पहले यह बदलाव **पहली और दूसरी कक्षा** तक सीमित था, लेकिन अब **तीसरी और छठी कक्षा** की किताबों में भी परिवर्तन किया गया है।
📚 निष्कर्ष
यूपी बोर्ड के छात्रों के लिए यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बच्चों को अपने राज्य की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलेगा। यह कदम **स्थानीय इतिहास और संस्कृति को प्रोत्साहित करने में मदद करेगा**।
अधिक जानकारी और नए पाठ्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए UPMSP की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।
