पुरानी पेंशन बहाली की मांग: अटेवा पेंशन बचाओ मंच का प्रधानमंत्री को ज्ञापन
पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलन तेज
मथुरा की अटेवा पेंशन बचाओ मंच की जिलाध्यक्ष श्रीमती प्रदीपिका फौजदार ने एक महत्वपूर्ण ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित किया है। यह ज्ञापन नई पेंशन योजना (NPS) और अंशदायी पेंशन योजना (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग करता है।
मथुरा की लोकसभा सांसद हेमा मालिनी ने भी इस ज्ञापन की संस्तुति की है और प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
क्या है पुरानी पेंशन योजना (OPS)?
पुरानी पेंशन योजना एक गैर-अंशदायी (Non-Contributory) पेंशन प्रणाली थी, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद जीवनभर एक निश्चित पेंशन मिलती थी। लेकिन 2004 से केंद्र सरकार और बाद में कई राज्य सरकारों ने इसे समाप्त कर नई पेंशन योजना (NPS) लागू कर दी, जो अंशदायी (Contributory) प्रणाली पर आधारित है।
OPS बनाम NPS: कौन सी बेहतर?
पैरामीटरपुरानी पेंशन योजना (OPS)नई पेंशन योजना (NPS)योगदान सरकारी कर्मचारी को योगदान नहीं देना होता था कर्मचारी और सरकार दोनों को योगदान देना पड़ता है पेंशन की गारंटी निश्चित और आजीवन पेंशन मिलती थी शेयर बाजार आधारित, पेंशन निश्चित नहीं महंगाई भत्ता (DA) पूरी तरह लागू पूरी तरह लागू नहीं परिवार को लाभ सेवानिवृत्ति के बाद परिवार को पेंशन मिलती थी परिवार को सीमित लाभ मिलता है
NPS से कर्मचारियों को क्या समस्याएं हो रही हैं?
- पेंशन की अनिश्चितता: नई पेंशन योजना शेयर बाजार से जुड़ी होने के कारण कर्मचारियों को निश्चित पेंशन नहीं मिलती।
- अल्प पेंशन: कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बहुत कम पेंशन मिल रही है, जिससे उनका जीवन कठिन हो रहा है।
- महंगाई से सुरक्षा नहीं: पुरानी पेंशन योजना में महंगाई भत्ता मिलता था, लेकिन NPS में यह सुविधा नहीं है।
- कर्मचारियों का असंतोष: लाखों कर्मचारी और शिक्षक OPS बहाली के लिए लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच का संघर्ष
अटेवा (अखिल भारतीय शिक्षक एवं कर्मचारी महासंघ) लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलनरत है। इस संगठन ने कई बार सरकार से अपील की है कि सरकारी कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू किया जाए।
महत्वपूर्ण घटनाएं:
- 2023: अटेवा ने पूरे देश में “पेंशन अधिकार रैली” निकाली।
- 2024: राज्यों में आंदोलन तेज हुआ, कई जगह कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
- 2025: अब प्रधानमंत्री को सीधे ज्ञापन भेजकर OPS बहाली की मांग की गई है।
हेमा मालिनी ने भी किया समर्थन
लोकसभा सांसद हेमा मालिनी ने श्रीमती प्रदीपिका फौजदार द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन को अपनी संस्तुति के साथ प्रधानमंत्री को भेजा है। उन्होंने अनुरोध किया कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करे और शीघ्र निर्णय ले।
क्या सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाल करेगी?
हाल ही में कुछ राज्यों जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और झारखंड ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा की है। इससे कर्मचारियों को उम्मीद बंधी है कि केंद्र सरकार भी इस पर विचार कर सकती है।

निष्कर्ष
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली लाखों सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवनयापन का सवाल है। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रयास और सांसद हेमा मालिनी का समर्थन इस अभियान को और बल देंगे। अब देखना यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर क्या निर्णय लेते हैं?
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