भारत में केंद्र स्थापित करेंगे अमेरिका के प्रमुख कॉलेज
वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका ने अपने उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि प्रमुख अमेरिकी कॉलेज अपने कैंपस भारत में स्थापित करेंगे।
शिक्षा सहयोग में बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले का समर्थन किया और इसे दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने माना कि इससे छात्रों, शोधार्थियों और कर्मचारियों के बीच आवाजाही आसान होगी और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
भारतीय छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी
हाल ही में आई “ओपन डोर्स” रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 3,31,602 हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23% अधिक है। इससे पहले, 2022-23 में यह संख्या 2,68,923 थी।
भारतीय छात्रों का अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान
रिपोर्ट के मुताबिक, 3,00,000 से अधिक भारतीय छात्र अमेरिकी अर्थव्यवस्था में हर साल 8 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का योगदान देते हैं। इसके अलावा, भारतीय छात्र बड़ी संख्या में अमेरिका में नौकरियां पाने में भी सफल हो रहे हैं।
भारत-अमेरिका के संबंधों में अहम कड़ी
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अमेरिका में जल्द ही लॉस एंजेलेस और बोस्टन में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास खोले जाएंगे।
यह निर्णय न केवल शिक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
