एलटी ग्रेड व जीआईसी प्रवक्ता के 520 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों का नियुक्ति पत्र के लिए धरना 📜
उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक) व जीआईसी प्रवक्ता के 520 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर बृहस्पतिवार को धरना दिया। अभ्यर्थियों ने बताया कि यदि जल्द नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए, तो वे धरने को नियमित रखने की घोषणा करेंगे।
क्या है मामला? 🤔
अभ्यर्थियों के अनुसार उनका परिणाम 28 जून 2023 को घोषित हुआ था और प्रमाणपत्र सत्यापन की प्रक्रिया 17 जुलाई से 24 जुलाई 2023 तक उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा कराई गई थी। लेकिन इसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया ठप पड़ गई।
धरना-प्रदर्शन का कारण 🚫
अभ्यर्थियों ने बताया कि वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हुए क्योंकि सत्यापन के बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए। धरना-प्रदर्शन के बाद 23 से 27 दिसंबर 2024 तक उनसे विद्यालय आवंटन के लिए विकल्प भरवाया गया, लेकिन अभी तक कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुआ है।
धरने में शामिल अभ्यर्थी 🙋
धरने में कई चयनित अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
- निशी सिंह
- सुजाता सिंह
- रेणु सिंह
- प्रियंका दीक्षित
- नाजनीन
- साइन जहां
- शिवानी शर्मा
- बिंदू मौर्य
- कोमल
- शिखा
नियुक्ति प्रक्रिया में देरी पर सवाल ❓
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रमाणपत्र सत्यापन और विद्यालय आवंटन के बाद भी नियुक्ति पत्र न मिलना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। वे नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर असमंजस में हैं और इसे जल्द से जल्द पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन से मांग 📢
चयनित अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय और उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र जारी करें, ताकि वे अपने पदों पर कार्यभार ग्रहण कर सकें और शिक्षण कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सके।
क्या होगा आगे? 🔍
यदि जल्द नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए, तो चयनित अभ्यर्थियों ने धरने को नियमित रखने की चेतावनी दी है। इस बीच, शिक्षा विभाग द्वारा इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
निष्कर्ष 📝
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड व जीआईसी प्रवक्ता के 520 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में देरी से अभ्यर्थी निराश और आक्रोशित हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले को कैसे सुलझाता है और चयनित अभ्यर्थियों को कब तक नियुक्ति पत्र दिए जाते हैं।
