🚀 एलन मस्क के स्टारलिंक उपग्रहों के गिरने से बढ़ा खतरा, वैज्ञानिकों की चिंता
अंतरिक्ष में अपनी धाक जमाने की होड़ में अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स हर दिन नए-नए स्टारलिंक उपग्रह भेज रही है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इन उपग्रहों के असफल होने और वायुमंडल में गिरने से होने वाले प्रभावों पर चिंता जताई है।
सिर्फ जनवरी 2024 में ही 120 से अधिक उपग्रह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर नष्ट हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ओजोन परत को नुकसान हो सकता है और यह पर्यावरणीय संकट को जन्म दे सकता है।
🔍 वैज्ञानिकों की चेतावनी
हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के खगोलशास्त्री जोनाथन मैकडॉवेल के अनुसार, हर दिन लगभग 4-5 स्टारलिंक उपग्रह निष्क्रिय होकर वायुमंडल में जल रहे हैं। 29 जनवरी को मिशिगन, विस्कॉन्सिन और शिकागो में लोगों ने जलते हुए उपग्रहों को आग के गोले की तरह गिरते हुए देखा।
⚠️ ओजोन परत को नुकसान
वैज्ञानिकों के अनुसार, हर Gen 1 स्टारलिंक उपग्रह अपने विघटन के दौरान लगभग 30 किलोग्राम एल्यूमीनियम ऑक्साइड उत्पन्न करता है, जो ओजोन परत के लिए हानिकारक हो सकता है।
🛰️ स्टारलिंक उपग्रहों की संख्या और प्रभाव
- जनवरी 2024 तक 7,000 स्टारलिंक उपग्रह पृथ्वी की कक्षा में हैं।
- इनमें से कई उपग्रह 5 साल तक काम करने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन विघटन के बाद वायुमंडल में गिरने से प्रदूषण बढ़ा रहे हैं।
- 2016 से 2022 के बीच एल्यूमीनियम ऑक्साइड का स्तर 8 गुना बढ़ गया है।
- अलास्का में 60,000 फीट की ऊंचाई पर जले हुए उपग्रहों के अवशेषों में एल्यूमीनियम और अन्य धातुएं मिली हैं।
🔥 अंतरिक्ष कचरे से बढ़ता खतरा
वर्तमान में वैज्ञानिकों को चिंता है कि 26% अंतरिक्ष रॉकेट पहले से ही भरे वायुमंडल में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे उड़ान क्षेत्र भी प्रभावित हो सकते हैं।
📢 अधिक जानकारी के लिए स्पेसएक्स की आधिकारिक वेबसाइट देखें
