69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में 11 फरवरी को सुनवाई, अभ्यर्थियों का धरना जारी
उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस भर्ती में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में 11 फरवरी को इस मामले की सुनवाई होनी है, लेकिन उससे पहले अभ्यर्थियों ने ईको गार्डन में धरना प्रदर्शन जारी रखा है।
📍 ईको गार्डन में अभ्यर्थियों का धरना जारी
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा कि भर्ती में आरक्षण लागू करने में हुई विसंगतियों की वजह से हजारों अभ्यर्थी परेशान हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष मजबूती से रखा जाए और मामले का जल्द समाधान निकाला जाए।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट में क्या है मामला?
- अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट और हाईकोर्ट का आदेश अभ्यर्थियों के पक्ष में हैं।
- फिर भी, अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही और वे न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
📢 अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
- सरकार को चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की मजबूत पैरवी करे।
- भर्ती में आरक्षण की विसंगतियों को जल्द दूर किया जाए।
- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग और हाईकोर्ट के फैसलों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
📅 11 फरवरी की सुनवाई पर सबकी नजरें
अब सभी की नजरें 11 फरवरी को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। यदि सरकार और न्यायालय इस मामले में सकारात्मक रुख अपनाते हैं, तो हजारों अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति मिल सकती है।
📢 निष्कर्ष
69000 शिक्षक भर्ती का मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की लड़ाई लड़ रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। अब देखना होगा कि 11 फरवरी की सुनवाई में क्या फैसला आता है और क्या सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए उचित कदम उठाएगी।
