UP शिक्षक भर्ती: अधियाचन प्रारूप न बनने से अटकी भर्ती प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में शिक्षक भर्ती के लिए संबंधित विभागों से ई-अधियाचन तो मांग लिए हैं, लेकिन आयोग अब तक अधियाचन का प्रारूप ही तैयार नहीं कर सका है। इस वजह से पूरी भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है।
📌 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में देरी क्यों?
- आयोग ने शिक्षा विभाग के निदेशकों और उनके प्रतिनिधियों की बैठक में एक सप्ताह में ई-अधियाचन भेजने को कहा था।
- हालांकि, अब तक किसी भी विभाग ने अधियाचन नहीं भेजा है।
- उच्च शिक्षा निदेशालय का कहना है कि अधियाचन का प्रारूप आयोग को तय करना है, लेकिन अभी तक इसे तैयार नहीं किया गया है।
🎓 उच्च शिक्षा निदेशालय ने मांगा प्रोफार्मा
उच्च शिक्षा निदेशालय के सूत्रों के अनुसार:
- आयोग को रिक्त पदों के अधियाचन का प्रारूप निर्धारित करना है।
- शिक्षक भर्ती के लिए अर्हता, योग्यता और अन्य शर्तें भी आयोग को ही तय करनी हैं।
- बैठक में उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह मुद्दा उठाया था और अधियाचन का प्रारूप मांगा था।
- हालांकि, आयोग की ओर से अभी तक प्रारूप उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे ई-अधियाचन नहीं भेजा जा सका।
⚠️ भर्ती प्रक्रिया में देरी से बढ़ रही परेशानी
शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थी इस प्रक्रिया के जल्द शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अधियाचन प्रारूप तय न होने के कारण भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
📢 निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत तब तक नहीं हो सकती जब तक कि शिक्षा सेवा चयन आयोग अधियाचन का स्पष्ट प्रारूप निर्धारित नहीं कर देता। उच्च शिक्षा निदेशालय समेत अन्य विभाग आयोग के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि आयोग कब तक अधियाचन प्रारूप जारी करता है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
