उत्तर प्रदेश के 28 डायट बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: संदीप सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 28 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
पहले चरण में 13 डायट को किया जाएगा विकसित
शनिवार को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने पहले चरण में 13 डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की आधारशिला रखी। जल्द ही 15 और डायट को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
एससीईआरटी के प्रशिक्षण भवन और हॉस्टल का भी शिलान्यास
इस अवसर पर मंत्री संदीप सिंह ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के प्रशिक्षण भवन और हॉस्टल “कल्पतरु” की आधारशिला भी रखी। इस प्रोजेक्ट पर 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से क्या होगा लाभ?
डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाने के बाद इनमें निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- स्मार्ट क्लासरूम
- अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
- बेहतर शिक्षण और प्रशिक्षण सुविधाएं
किन 13 जिलों में पहले चरण के तहत डायट विकसित किए जाएंगे?
पहले चरण में इन 13 जिलों के डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा:
- अलीगढ़
- मुजफ्फरनगर
- आगरा
- कुशीनगर
- लखनऊ
- वाराणसी
- जौनपुर
- मेरठ
- मुरादाबाद
- बाराबंकी
- गोरखपुर
- कानपुर देहात
- प्रयागराज
इन जिलों में डायट के विकास पर कुल 103.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय कला, शिल्प एवं कठपुतली प्रतियोगिता के विजेता 53 शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
निष्कर्ष
डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का यह कदम शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे शिक्षकों और विद्यार्थियों को अत्याधुनिक संसाधनों का लाभ मिलेगा और शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
