सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ा रहा अकेलापन
टेक्सास, एजेंसी। सोशल मीडिया को लोगों को जोड़ने का माध्यम माना जाता है, लेकिन एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि यह अकेलापन बढ़ाने का भी कारण बन रहा है। टेक्सास की बेलर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर गहन अध्ययन की जरूरत पर जोर दिया है और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर दिशानिर्देश बनाए जाने की सिफारिश की है।
शोध में क्या आया सामने?
बेलर यूनिवर्सिटी में किए गए अध्ययन से पता चला कि जो लोग ज्यादा समय ऑनलाइन बिताते हैं, वे अधिक अकेलापन महसूस करते हैं। शोधकर्ताओं ने इस शोध को ‘जर्नल पर्सनैल्टी एंड सोशल साइकोलॉजी बुलेटिन’ में प्रकाशित किया। इस अध्ययन का नेतृत्व जेम्स ए. रॉबर्ट, बेन एच. विलियम्स और फिलिप यंग ने किया।
दो तरह के होते हैं यूजर
शोध में सोशल मीडिया यूजर्स को दो वर्गों में बांटा गया:
- स्क्रॉल करने वाले यूजर्स: जो केवल कंटेंट देखते हैं और दूसरों की पोस्ट पर नज़र डालते रहते हैं।
- सक्रिय यूजर्स: जो फोटो, वीडियो और अन्य सामग्री पोस्ट करने के साथ-साथ लाइक, कमेंट और शेयर करने में भी सक्रिय रहते हैं।
शोधकर्ता मेरेडिथ डेविड ने करीब 7,000 लोगों पर नौ वर्षों तक अध्ययन किया और निष्कर्ष निकाला कि डिजिटल आदतें लोगों की मानसिकता और समाज से उनकी दूरी को प्रभावित कर रही हैं।
सोशल मीडिया से क्यों बढ़ता है अकेलापन?
शोधकर्ता रॉबर्ट ने बताया कि सोशल मीडिया का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। हालांकि यह विभिन्न कम्युनिटी का एक विशाल मंच है, लेकिन यह अकेलापन कम करने के बजाय उसे और बढ़ा रहा है।
मुख्य कारण:
- वास्तविक सामाजिक संपर्क की कमी: सोशल मीडिया पर लोग आभासी दुनिया में व्यस्त हो जाते हैं और वास्तविक जीवन में मेलजोल कम कर देते हैं।
- दूसरों की तुलना: यूजर्स दूसरों की फिल्टर की गई परफेक्ट लाइफ देखते हैं और खुद को उनसे कमतर महसूस करने लगते हैं, जिससे अवसाद और अकेलापन बढ़ता है।
- डिजिटल एडिक्शन: सोशल मीडिया की लत से लोग रियल लाइफ इंटरैक्शन से कट जाते हैं, जिससे उनका समाज से जुड़ाव कमजोर हो जाता है।
क्या है समाधान?
शोधकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया उपयोग के लिए दिशानिर्देश बनाना जरूरी है। इसके अलावा, लोगों को डिजिटल डिटॉक्स (कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाना) करने की भी सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष
सोशल मीडिया मनोरंजन और कनेक्टिविटी के लिए एक बेहतरीन साधन है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग से अकेलापन, मानसिक तनाव और सामाजिक दूरी बढ़ सकती है। इसलिए सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग ही सही तरीका है।
