अमेरिका से 104 अवैध प्रवासी भारतीय अमृतसर पहुंचे
बुधवार को अमेरिका से निर्वासित किए गए 104 भारतीय अवैध प्रवासियों को लेकर अमेरिकी सेना का सी-17 विमान अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। अमेरिकी सेना की देखरेख में इन सभी को हथकड़ी और बेड़ियों में भेजा गया।
📌 कौन-कौन से राज्यों के लोग शामिल?
- गुजरात – 33 लोग
- हरियाणा – 34 लोग
- पंजाब – 30 लोग
- महाराष्ट्र – 3 लोग
- उत्तर प्रदेश – 2 लोग
- चंडीगढ़ – 2 लोग
इनमें 8 से 10 साल के कुछ बच्चे भी शामिल हैं। अमेरिका ने 205 प्रवासियों की सूची जारी की थी, लेकिन बाकी लोगों के आने को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
✈ 35 घंटे की उड़ान के बाद अमृतसर पहुंचे
अमेरिका के टेक्सास से उड़ान भरने के बाद करीब 35 घंटे में यह विमान अमृतसर पहुंचा। एयरपोर्ट पर गृह मंत्रालय, गृह विभाग, भारतीय सेना, विदेश मंत्रालय के अधिकारी पहले से मौजूद थे। प्रवासियों को कस्टम और इमीग्रेशन जांच के लिए भेज दिया गया।
💰 किसी ने जमीन बेची, किसी ने कर्ज लिया
अमेरिका जाकर अच्छी जिंदगी जीने के सपने ने कई लोगों को डंकी रूट अपनाने पर मजबूर किया।
- कुछ लोगों ने अपनी जमीन बेची।
- कुछ ने कर्ज लिया और अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचे।
- लेकिन अमेरिकी सरकार की सख्ती के बाद इन भारतीयों को निर्वासित कर दिया गया।
🔎 दस्तावेज और बैकग्राउंड की जांच
प्रवासियों के दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। यदि किसी के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड पाया जाता है, तो उसे हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🇺🇸 अमेरिकी अफसरों की कड़ी मांग
अमृतसर एविएशन क्लब में अमेरिकी अधिकारियों और भारत सरकार के बीच बैठक हुई। अमेरिकी अधिकारियों ने:
- अवैध रूप से अमेरिका आने वाले लोगों पर रोक लगाने की बात कही।
- भारत से अवैध प्रवास कराने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अमेरिका ने पिछले 11 दिनों में 1700 अवैध भारतीय प्रवासियों को हिरासत में लिया है।
⛓ हाथों में हथकड़ी, पैरों में बेड़ियां
अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में एयरक्राफ्ट में लाया गया।
🗣 कांग्रेस ने जताया विरोध
इस घटना को लेकर भारत सरकार की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने भारतीयों के साथ किए गए इस व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
🔚 निष्कर्ष
अमेरिका द्वारा अवैध भारतीय प्रवासियों पर सख्ती के बाद बड़ी संख्या में भारतीयों को देश लौटना पड़ रहा है। अब सवाल यह है कि डंकी रूट को रोकने के लिए भारत सरकार क्या कदम उठाएगी?
