आधार की कमियों से नहीं बन पा रही अपार आईडी – जानिए समस्या और समाधान
मिहींपुरवा, संवाददाता। स्कूलों में ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन आधार कार्ड की कमियों के कारण इसमें कई अड़चनें आ रही हैं। छात्रों के आधार कार्ड में त्रुटियां होने से उनकी अपार आईडी नहीं बन पा रही है।
आधार कार्ड में गड़बड़ी से अपार आईडी में समस्या
- छात्रों के नाम, जन्मतिथि और पते में अंतर होने से आईडी जनरेट नहीं हो रही।
- कुछ छात्रों के पास आधार कार्ड ही नहीं है, जिससे आईडी निर्माण में परेशानी हो रही है।
- आधार और यूडाइस डेटा मेल नहीं खा रहा, जिससे स्कूल प्रशासन असमंजस में है।
यूडाइस डेटा संशोधन की समस्या
यूडाइस (UDISE) पोर्टल में डेटा संशोधन का अधिकार स्कूल के प्रधानाचार्य को नहीं दिया गया है। किसी भी बदलाव के लिए निदेशालय स्तर पर अनुरोध भेजना पड़ता है, जिससे प्रक्रिया धीमी हो जाती है। शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि प्रधानाचार्यों को सीधे डेटा संशोधन का अधिकार दिया जाए।
जन्म प्रमाण पत्र मिलने में देरी
तहसील और ग्राम पंचायत कार्यालयों से छात्रों का जन्म प्रमाण पत्र समय से जारी नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी अपार आईडी बनने में और देरी हो रही है। इसके अलावा, आधार कार्ड न होने से कई छात्रों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
शिक्षक संगठनों की मांग
शिक्षक संगठनों ने आधार संशोधन कैंप लगाने की मांग की है ताकि छात्रों के आधार में सुधार कर उनकी अपार आईडी बनाई जा सके। साथ ही, प्रधानाचार्यों को यूडाइस डेटा संशोधन का अधिकार दिए जाने की भी अपील की गई है।
समाधान के संभावित उपाय
- स्कूलों में आधार कार्ड संशोधन शिविर लगाकर छात्रों के आधार में सुधार किया जाए।
- प्रधानाचार्यों को यूडाइस डेटा संशोधन का अधिकार दिया जाए।
- जन्म प्रमाण पत्र के लिए तेजी से प्रक्रिया अपनाई जाए।
- छात्रों को समय पर आधार कार्ड उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
अगर समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 4 फरवरी तक सभी छात्रों की अपार आईडी बनाने का लक्ष्य अधूरा रह सकता है।
