हलवा समारोह: बजट 2025 के लिए तैयारी की अनोखी परंपरा






हलवा समारोह: बजट 2025 के लिए तैयारी की अनोखी परंपरा

बजट 2025: हलवा समारोह और इसकी अनोखी परंपरा

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं। 1 फ़रवरी को वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश करेंगी। बजट से पहले की तैयारियों के हिस्से के रूप में, 24 जनवरी, 2025 को हलवा समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में शाम 5 बजे होगा।

हलवा समारोह (Halwa Ceremony) क्या है?

हलवा समारोह भारत में केंद्रीय बजट से पहले आयोजित होने वाली एक पारंपरिक रस्म है। इस समारोह में वित्त मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी, जो बजट की तैयारी और छपाई में शामिल होते हैं, मिलकर हलवा खाते हैं। इसके बाद, बजट दस्तावेज़ की गोपनीयता बनाए रखने के लिए अधिकारियों को ‘लॉक-इन’ प्रक्रिया के तहत मंत्रालय के परिसर में ही रखा जाता है।

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हलवा समारोह का इतिहास

हलवा समारोह की शुरुआत का सटीक वर्ष स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसे 1980 में नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में आयोजित करना शुरू किया गया था। यह कदम बजट दस्तावेजों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था।

1950 में, बजट दस्तावेज़ छपाई के दौरान लीक हो गया था, जिसके चलते तत्कालीन वित्त मंत्री जॉन मथाई को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से बजट प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय बनाया गया।

हलवा समारोह का महत्व

  • बजट तैयार होने का प्रतीक: यह समारोह इस बात का संकेत देता है कि बजट दस्तावेज़ तैयार हो चुके हैं और अब इन्हें छपाई के लिए भेजा जाएगा।
  • टीम वर्क की सराहना: इस रस्म के जरिए उन अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत का सम्मान किया जाता है, जिन्होंने बजट निर्माण में योगदान दिया।
  • गोपनीयता की शुरुआत: हलवा समारोह के बाद, सभी अधिकारी और कर्मचारी ‘लॉक-इन’ प्रक्रिया के तहत मंत्रालय में अलग-थलग रहते हैं ताकि कोई जानकारी लीक न हो।

समारोह की प्रक्रिया

हलवा समारोह में पारंपरिक तरीके से हलवा बड़े बर्तन में बनाया जाता है। वित्त मंत्री स्वयं इसे कर्मचारियों और अधिकारियों को परोसते हैं। इसके बाद, बजट प्रक्रिया से जुड़े सभी कर्मचारियों को मंत्रालय के भीतर रखा जाता है और बाहरी संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया जाता है।

गोपनीयता का पालन

हलवा समारोह के बाद, बजट प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी बाहरी दुनिया से कट जाते हैं। उन्हें किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत या डिजिटल संपर्क की अनुमति नहीं होती। आपात स्थिति में उनके परिवार सदस्य एक निर्दिष्ट नंबर पर संदेश छोड़ सकते हैं।

अधिकारियों को मंत्रालय परिसर से बाहर आने की अनुमति केवल तब मिलती है जब बजट लोकसभा में पेश हो चुका हो।

निष्कर्ष

हलवा समारोह न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह गोपनीयता बनाए रखने और टीम वर्क की सराहना का प्रतीक है। यह बजट निर्माण प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।

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