बेतिया डीईओ के ठिकानों पर एसवीयू की छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति बरामद




बेतिया डीईओ के ठिकानों पर एसवीयू की छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति बरामद

बेतिया डीईओ के ठिकानों पर एसवीयू की छापेमारी, दो करोड़ नकद बरामद

आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति उजागर।

छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति बरामद

बेतिया। विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रजनीकांत प्रवीण के आधा दर्जन ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी की। इस कार्रवाई में दो करोड़ से ज्यादा नकद, लाखों के गहने और विभिन्न शहरों में जमीन के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

छापेमारी के कुछ घंटों बाद शिक्षा विभाग ने डीईओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश भी जारी किया।

WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now

1.87 करोड़ की अवैध संपत्ति का मामला

विशेष निगरानी इकाई को सूचना मिली थी कि डीईओ रजनीकांत प्रवीण ने अपने 19-20 वर्षों के कार्यकाल में 1.87 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की है। इसके बाद उनके बेतिया, दरभंगा, मधुबनी समेत छह स्थानों पर एक साथ छापा मारा गया।

एसवीयू को छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकद, जमीन के दस्तावेज, जेवरात और बैंक खातों से जुड़े कागजात मिले।

पत्नी के नाम पर खरीदी गई संपत्ति

रजनीकांत प्रवीण ने पत्नी सुषमा कुमारी के नाम पर पटना, दरभंगा और मधुबनी में कई प्लॉट और फ्लैट खरीदे। दरभंगा में खरीदी गई जमीन पर उन्होंने ओपेन बिरला माइंड स्कूल खोला, जिसकी डायरेक्टर उनकी पत्नी हैं। स्कूल में 10 मिनी बसें हैं।

छापेमारी में इनकी पत्नी के नाम 48 डिसमिल कृषि भूमि, 15.26 डिसमिल व्यावसायिक जमीन और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले।

नकद और संपत्ति की बरामदगी

छापेमारी के दौरान एसवीयू को डीईओ के ठिकानों से 64 लाख रुपये नकद, 40 लाख रुपये की अचल संपत्ति के दस्तावेज, और 50 लाख रुपये के भूखंड के कागजात बरामद हुए। नोटों की गिनती के लिए दो मशीनों और बैंक कर्मचारियों की सहायता ली गई।

इसके अलावा, डीईओ और उनकी पत्नी के नाम 10 बैंक खाते, एफडी, और बच्चों के नाम पर भी निवेश के प्रमाण मिले हैं।

शिक्षा विभाग की कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने डीईओ रजनीकांत प्रवीण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उनका क्षेत्रीय कार्यालय पूर्णिया प्रमंडल निर्धारित किया गया है। विभागीय जांच के तहत इनकी सभी संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा रही है।

निष्कर्ष: विशेष निगरानी इकाई की इस कार्रवाई ने सरकारी पद पर बैठे अधिकारियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top