अपार आईडी बनाने में रुचि नहीं ले रहे स्कूल, मात्र डेढ़ लाख बनीं
बुलंदशहर, संवाददाता: कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक के छात्रों की अपार आईडी बनाने में जिले के स्कूल कोई खास रुचि नहीं ले रहे हैं। इस आईडी के माध्यम से छात्रों का पूरा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा और किसी भी स्थान से इस डाटा को एक क्लिक पर निकाला जा सकेगा। खासतौर से छात्रों के सत्यापन में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए यह आईडी बनाई जा रही हैं।
जिले में सात लाख छात्रों के सापेक्ष मात्र डेढ़ लाख अपार आईडी बनाई जा सकी हैं। बीएसए ने सभी बोर्ड के स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द सभी छात्रों की आईडी बनाएं।
अपार आईडी का उद्देश्य और फायदें
अपार आईडी का उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोकना है। शासन द्वारा बेसिक स्कूलों में इस आईडी को फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू किया गया है। आईडी में छात्रों का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, पूरा पता, आधार नंबर, स्कूल का नाम, यू-डायस कोड, कक्षा, गांव का नाम, तहसील, एसआर नंबर सहित अन्य सभी जानकारी होगी। यह एक यूनिक आईडी नंबर होगा, जिससे छात्र का पूरा डाटा पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा।
बीएसए ने बताया कि यह आईडी जीवनभर छात्र के काम आएगी। इसके द्वारा नौकरियों के लिए इंटर तक के सत्यापन भी पोर्टल पर ही किए जा सकेंगे। इससे छात्रों के पूरे जीवन में किसी भी सत्यापन को आसानी से किया जा सकेगा। बीएसए ने स्पष्ट किया कि अपार आईडी से फर्जीवाड़ा पूरी तरह से रुक जाएगा।
स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी
बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने चेतावनी दी है कि अपार आईडी बनाने में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि इस माह में स्कूलों को अधिक से अधिक अपार आईडी बनाने का निर्देश दिया गया है।
जिले के 16 ब्लॉकों में बेसिक, सीबीएसई, यूपी बोर्ड, मदरसा बोर्ड, सीआईसीएसई और संस्कृत बोर्ड के 4114 स्कूल हैं, जिसमें वर्तमान में 7,51,277 छात्र कक्षा नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट तक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। लेकिन इन छात्रों में से अब तक सिर्फ डेढ़ लाख छात्रों की अपार आईडी बनाई गई है और पोर्टल पर अपलोड की गई है, जो कि बहुत कम संख्या है।
शासन से निरंतर हो रही निगरानी
विभाग का कहना है कि शासन स्तर से इन आईडी की निरंतर मॉनीटरिंग हो रही है और वहां से इन्हें चेक किया जा रहा है। पहले भी स्कूलों को कई बार आदेश दिए गए थे कि वे जल्द से जल्द छात्रों की आईडी बनाकर विभाग को सूचित करें, लेकिन स्कूलों ने इस दिशा में कोई खास ध्यान नहीं दिया है।
बीएसए ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत छात्रों की अपार आईडी बनाएं और इस कार्य में तेजी लाएं।
