नई कर व्यवस्था: 2020 से अब तक क्या बदला?







नई कर व्यवस्था: 2020 से अब तक क्या बदला?

2020 में शुरू हुई नई कर व्यवस्था: क्या बदला, क्या रह गया?

नई दिल्ली। 2020 में लागू हुई नई कर व्यवस्था के तहत टैक्स स्लैब में कुछ बदलाव किए गए, लेकिन 30% टैक्स स्लैब में अब तक कोई राहत नहीं दी गई है। महंगाई बढ़ने के बावजूद सबसे अधिक टैक्स चुकाने वालों के लिए आय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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2020 के बाद कैसे बदला टैक्स स्लैब?

बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी का कहना है कि नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद 15 लाख रुपये से कम आय वाले करदाताओं के लिए स्लैब की सीमा 20% से 40% तक बढ़ाई गई है। लेकिन 15 लाख रुपये से अधिक आय वालों को अब भी 30% की दर से टैक्स भरना पड़ता है।

महंगाई का असर और टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी

पिछले पांच साल में लागत महंगाई इंडेक्स (CII) 21% बढ़ा है। लेकिन, सरकार ने 30% टैक्स स्लैब में शामिल करदाताओं को कोई राहत नहीं दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को इस स्लैब में आय सीमा बढ़ाकर 18 लाख रुपये करनी चाहिए, ताकि महंगाई के प्रभाव को कम किया जा सके।

टैक्स स्लैब में बदलाव का ग्राफ

स्लैब लिमिट (2020) लिमिट (2025) राहत (%)
5% 2,50,000 3,00,000 20%
10% 5,00,000 7,50,000 40%
15% 7,50,000 12,00,000 33%
20% 12,50,000 15,00,000 20%
30% 15,00,001 15,00,001 0%

करदाताओं की मांग: टैक्स छूट और स्लैब में बदलाव

  • कर-मुक्त आय सीमा को 7.75 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग।
  • सर्वे के अनुसार, 57% करदाता चाहते हैं कि सरकार टैक्स दरों में कटौती करे।
  • अधिकतम टैक्स स्लैब (30%) के लिए आय सीमा 18 लाख रुपये तक बढ़ाई जाए।
  • पुरानी कर व्यवस्था के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों को बढ़ाने की मांग।

महंगाई और खपत पर पड़ रहा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण लोगों ने अपने खर्चों में कटौती की है। इसका असर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की जीडीपी पर भी देखने को मिला है। अगर सरकार बजट में टैक्स में राहत देती है, तो इससे खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

निष्कर्ष: नई कर व्यवस्था लागू होने के पांच साल बाद भी सबसे अधिक टैक्स चुकाने वाले करदाताओं को कोई राहत नहीं मिली है। करदाताओं और विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को 2025-26 के बजट में महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव करना चाहिए।


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