शिक्षकों के अश्लील आचरण पर शिक्षा विभाग की कठोर कार्रवाई
दिनांक: 20 जनवरी 2025
शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई का विवरण
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में शिक्षा विभाग ने अश्लील और अनैतिक आचरण के मामलों पर गंभीर कार्रवाई की है। राउप्रावि सालेरा के दो शिक्षकों पर सार्वजनिक स्थल पर अश्लील गतिविधियों के वीडियो वायरल होने के आरोप साबित हुए। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया, जिससे शिक्षा विभाग की प्रतिष्ठा को गहरा आघात लगा।
श्री अरविन्द नाथ व्यास का मामला
श्री अरविन्द नाथ व्यास, जो राउप्रावि सालेरा में अध्यापक लेवल-2 के पद पर नियुक्त थे, पर महिला सहकर्मी के साथ विद्यालय परिसर में अनैतिक और अश्लील हरकतें करने का आरोप है। इनकी अश्लील गतिविधियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। जांच के बाद, यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शिक्षा विभाग और राज्य सरकार की छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।
शिक्षा विभाग ने उनके विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्य सेवा से पदच्युत कर दिया।
श्रीमती कान्ता पाण्डिया का मामला
महिला अध्यापिका श्रीमती कान्ता पाण्डिया, जो राउप्रावि सालेरा में अध्यापक लेवल-1 के पद पर कार्यरत थीं, पर भी उन्हीं आरोपों के तहत कार्रवाई की गई। उन्होंने जांच में यह स्वीकार किया कि वीडियो में वह स्वयं हैं, लेकिन इसे एडिटिंग का मामला बताया। हालांकि जांच दल ने इस दावे को खारिज कर दिया।
उनके गंभीर अनैतिक आचरण के कारण शिक्षा विभाग ने उन्हें भी राज्य सेवा से पदच्युत कर दिया।
शिक्षा विभाग की छवि पर प्रभाव
इन मामलों ने शिक्षा विभाग और राजस्थान सरकार की सुशासन की छवि को गहरा आघात पहुंचाया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के गरिमामय पद पर ऐसे आचरण को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन घटनाओं ने न केवल छात्रों और अभिभावकों के विश्वास को चोट पहुंचाई बल्कि शिक्षा के पवित्र वातावरण को भी धूमिल किया।
प्रमुख निर्देश और निष्कर्ष
जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों शिक्षकों के निलंबन और पदच्युत किए जाने के आदेश की प्रतिलिपि संबंधित विभागों को भेज दी है। साथ ही, उनके सेवाभिलेख में इन आदेशों का उल्लेख लाल स्याही से करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर दुराचार और अनैतिक आचरण के मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे विभाग की गरिमा और नैतिकता बनी रहे।


