बेहतर भविष्य के लिए बच्चों को शिक्षित करना सबकी जिम्मेदारी
**गरीब बच्चों को शिक्षित करना सबसे बड़ी सेवा**
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि गरीबों की सच्ची सेवा वही है, जो उनके भविष्य को बदलने में सहायक हो। हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है और समाज के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को शिक्षित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा से बच्चों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है और वे उन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
**कुम्भ अध्ययन पाठ्यक्रम की सराहना**
इस अवसर पर राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा महाकुम्भ के महत्व और भव्यता को जनमानस तक पहुंचाने के लिए शुरू किए गए कुम्भ अध्ययन पाठ्यक्रम की प्रशंसा की गई। विश्वविद्यालय ने छह माह का प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम तैयार किया है, जिसमें महाकुम्भ से संबंधित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी दी जाएगी। कुलपति प्रो. सत्यकाम ने राज्यपाल को पाठ्यक्रम की जानकारी दी और पाठ्य सामग्री भेंट की।
**सफलता के लिए परिश्रम और अनुशासन जरूरी**
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यह केवल परिश्रम और अनुशासन से ही प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने और पूरे समर्पण के साथ अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।
**वेबसाइट की क्षमता बढ़ाने के निर्देश**
कुम्भ अध्ययन प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम में छात्रों की बढ़ती रुचि को देखते हुए कुलपति ने आईसीटी सेल को विश्वविद्यालय की वेबसाइट की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। इस पाठ्यक्रम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
**कार्यक्रम में मौजूद रहे विशिष्ट जन**
इस अवसर पर कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनीता यादव, प्रो. विवेक कुमार सिंह, प्रो. राजकुमार गुप्ता, डॉ. अतुल कुमार वर्मा सहित कई शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।
