उच्च शिक्षा निदेशालय में ई-कंटेंट स्टूडियो का उद्घाटन
**ई-कंटेंट पर लाइक और व्यू से होगा शिक्षकों का मूल्यांकन**
प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने बताया कि ई-कंटेंट पर लाइक, व्यू और फीडबैक के आधार पर शिक्षकों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह प्रक्रिया शिक्षकों को प्रोत्साहित करेगी कि वे गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी सामग्री अपलोड करें।
उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म से प्रदेश के 48 लाख छात्र-छात्राओं को फायदा होगा, जो घर बैठे यूट्यूब पर महत्वपूर्ण लेक्चर देख और सुन सकेंगे। यह छात्रों की विषयगत समझ को भी बढ़ाएगा।
**शिक्षकों के लिए बड़ी सुविधा**
निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमित भारद्वाज ने कहा कि यह ई-कंटेंट स्टूडियो उच्च शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इसे विद्वान शिक्षकों के लिए एक बड़ी सुविधा बताते हुए कहा कि यह उनकी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का माध्यम बनेगा।
**शासन का आभार व्यक्त किया गया**
उत्तर प्रदेश राजकीय महाविद्यालय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंदु प्रकाश सिंह ने शासन द्वारा शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शिक्षकों को लाभ होगा, बल्कि छात्रों के लिए भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ होगी।
**कर्मचारियों ने रखीं अपनी मांगें**
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख सचिव को ज्ञापन सौंपा। इसमें कैंप कार्यालय लखनऊ में स्थापित कर 50 प्रतिशत कार्यों को वहां से संचालित करने के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की गई। प्रमुख सचिव ने कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
**उच्च शिक्षा में डिजिटल क्रांति**
यह ई-कंटेंट स्टूडियो डिजिटल युग में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने वाला कदम है। अनुभवी शिक्षकों के लेक्चर से छात्रों को संपूर्ण विकास का अवसर मिलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
