पूरे देश में बीएड दाखिले के लिए एक परीक्षा की तैयारी
प्रस्ताव: मृत्युंजय, मुजफ्फरपुर
**बीएड प्रवेश परीक्षा का नया प्रस्ताव**
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) पूरे देश में बीएड में दाखिले के लिए एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस प्रस्ताव को नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को दी जा सकती है। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिली, तो इसे अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जाएगा।
**बैठक में उठाया गया मुद्दा**
हाल ही में हुई एनसीटीई की गवर्निंग बॉडी की बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। वर्तमान में राज्य के विश्वविद्यालय बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित कराते हैं।
उदाहरण के लिए, बिहार में पिछले कुछ वर्षों से बीएड प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा निभाई जा रही है।
**इंटीग्रेटेड बीएड प्रवेश परीक्षा**
एमडीडीएम कॉलेज की बीएड की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मौसमी चौधरी का कहना है कि एनसीटीई, नई शिक्षा नीति के तहत दो वर्षीय बीएड के साथ-साथ चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड की प्रवेश परीक्षा की योजना भी बना रही है।
इस परीक्षा की जिम्मेदारी भी एनटीए को सौंपने पर विचार हो रहा है।
बिहार में चार वर्षीय बीएड की पढ़ाई चार कॉलेजों में होती है, जो बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के अंतर्गत आते हैं। इस वर्ष इन कॉलेजों में 400 सीटों पर दाखिले के लिए बीआरएबीयू ने प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी।
**अन्य प्रस्तावित परीक्षाएं**
संयुक्त प्रवेश परीक्षा के अतिरिक्त, चार वर्षीय स्नातक और पीजी के बाद एक वर्षीय बीएड पाठ्यक्रमों के लिए भी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
इससे पूरे देश में बीएड की प्रवेश प्रक्रिया को समान, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
**संभावित प्रभाव और लाभ**
- देशभर में बीएड प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।
- छात्रों को एक समान परीक्षा पैटर्न मिलेगा।
- परीक्षा परिणामों में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
- योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष तरीके से चयनित किया जाएगा।
