शिक्षकों-शिक्षामित्रों को राज्य कर्मचारियों की तरह मिले कैशलेस चिकित्सा सुविधा







शिक्षकों-शिक्षामित्रों को राज्य कर्मचारियों की तरह मिले कैशलेस चिकित्सा सुविधा

शिक्षकों-शिक्षामित्रों को राज्य कर्मचारियों की तरह मिले कैशलेस चिकित्सा सुविधा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग की है। संघ ने सुझाव दिया है कि राज्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी आयुष्मान कार्ड जैसी निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जानी चाहिए। यह पहल शिक्षकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को हल करने में सहायक होगी।

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सामान्य और परस्पर तबादले की प्रक्रिया

संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि शिक्षकों का सामान्य तबादला सालों से लंबित है। परस्पर तबादले की प्रक्रिया में भी अपेक्षाकृत कम शिक्षकों को अवसर मिल पाता है। संघ ने सरकार से मांग की है कि जिले के अंदर और जिले के बाहर सामान्य तबादले की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए ताकि शिक्षकों को स्थानांतरण से संबंधित समस्याओं का समाधान हो सके।

पदोन्नति प्रक्रिया में देरी

शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया चार साल से लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने आग्रह किया है कि 31 मार्च तक सभी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए। यह कदम शिक्षकों को उनके पद और वेतनमान के अनुसार लाभ देने में मदद करेगा।

नई भर्ती और शिक्षक-छात्र अनुपात

संघ ने कहा कि पिछले चार वर्षों से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कोई नई भर्ती नहीं हुई है, जबकि हर साल बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसका सीधा असर शिक्षक-छात्र अनुपात पर पड़ रहा है, जिससे बच्चों को पढ़ाई में कठिनाई हो रही है। संघ ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करे और स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करे।

बीटीसी शिक्षक संघ ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है ताकि शिक्षकों और छात्रों की समस्याओं का समाधान हो सके और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।


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