100 बच्चे अब शिक्षा से नहीं होंगे वंचित
प्रकाशित तिथि: 6 जनवरी, 2025
शिक्षा से वंचित बच्चों को मिला न्याय
लखनऊ के नगर क्षेत्र जोन एक में स्थित सालेह नगर प्राथमिक विद्यालय के 100 बच्चों की शिक्षा अब पटरी पर लौटने वाली है। तीन साल से विद्यालय में शिक्षिका की अनुपस्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। शिक्षिका नीना कुमार की प्रतिनियुक्ति पर तैनाती को लेकर हुए विवाद के बाद आखिरकार शासन ने यह निर्णय लिया कि उनकी प्रतिनियुक्ति को निरस्त किया जाएगा।
क्यों हुआ यह विवाद?
सालेह नगर प्राथमिक विद्यालय की इकलौती शिक्षिका नीना कुमार को उनके पति राजीव कुमार के प्रभाव के चलते चिड़ियाघर (नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान) में प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया था। राजीव कुमार तत्कालीन अपर मुख्य सचिव (वन) मनोज सिंह के निजी सचिव थे, और उन्हीं की सिफारिश पर यह नियुक्ति संभव हुई। तीन साल तक शिक्षिका के अनुपस्थित रहने से विद्यालय का संचालन मुश्किल हो गया, जिससे 100 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
खबर के प्रकाशन से बदला घटनाक्रम
इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया, जिससे शिक्षा विभाग और शासन पर कार्रवाई का दबाव बना। खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षिका को विद्यालय वापस भेजा गया, लेकिन एनओसी रद्द करने में 50 दिन से अधिक समय लग गया। अंततः 3 जनवरी को एनओसी निरस्त करने का आदेश जारी किया गया।
प्रशासनिक दबाव और सिफारिशें
सूत्रों के अनुसार, ऊपर से आए दबाव के कारण बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने एनओसी जारी की थी। बाद में, खेल उजागर होने पर परिषद के सचिव ने शासन को एनओसी रद्द करने के लिए पत्र लिखा। यह भी उल्लेखनीय है कि चिड़ियाघर में नीना कुमार की प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद उन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पुस्तकालय अधिकारी के पद पर तैनाती देने की तैयारी थी।
बच्चों के लिए राहत
अब, शिक्षिका के वापस विद्यालय में आने के बाद, 100 बच्चों को उनकी पढ़ाई में राहत मिलेगी। यह मामला उन हजारों शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक सबक है कि शिक्षा के अधिकार की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
