खस्ताहाल लैब को किया गया दुरुस्त: छात्रों को मिला बड़ा फायदा
तारीख: 3 जनवरी, 2025
लैब में सुधार का प्रयास
उत्तर प्रदेश के करीब एक दर्जन वित्त पोषित और वित्तविहीन स्कूलों ने अपनी खस्ताहाल रसायन, भौतिक और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं को दुरुस्त कराया है। जर्जर छत, दीवारें और गिरते प्लास्टर की मरम्मत के साथ लैब की रंगाई-पुताई की गई है।
डीआईओएस द्वारा स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए जाने के बाद कई स्कूलों ने स्कूल फंड और सरकारी सहायता का उपयोग करते हुए लैब में सुधार किया। मुमताज इंटर कॉलेज, विद्यांत, और क्वींस एंग्लो संस्कृत कॉलेज जैसे स्कूलों में लैब बेहतर हुई हैं।
प्रमुख सुधार
- एमडी शुक्ला इंटर कॉलेज: 100 साल पुराने इस स्कूल की लैब को अलंकार योजना के तहत दुरुस्त किया गया। रंगाई-पुताई, प्लास्टर और नए उपकरणों की व्यवस्था की गई।
- महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज: प्रधानाचार्य केके तिवारी ने स्वयं के प्रयास से जर्जर लैब की मरम्मत कराई और नई सामग्री खरीदी।
- नवजीवन इंटर कॉलेज: प्रधानाचार्य हरिगोविन्द मिश्रा ने तीनों लैब को खुद के प्रयास से ठीक कराया।
लाभ और सुझाव
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने कहा कि लैब की मरम्मत से छात्रों को बड़ी सुविधा मिली है। यह पहल छात्रों को बेहतर प्रयोगात्मक शिक्षा प्रदान करने में मदद करेगी।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को वित्त पोषित स्कूलों के लिए हर वर्ष लैब और अन्य जरूरी मदों के लिए बजट आवंटित करना चाहिए। अलंकार योजना में छात्र संख्या के अनुपात में राशि बढ़ाने की भी मांग की गई।
निष्कर्ष
स्कूलों में लैब की मरम्मत से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। यह पहल अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणादायक है। बेहतर संसाधनों और समर्थन से शिक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जा सकता है।
