8th Pay Commission Latest Update: NC-JCM का बड़ा प्रस्ताव, न्यूनतम वेतन ₹69,000 और फिटमेंट फैक्टर 3.833 करने की मांग
नई दिल्ली/लखनऊ: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आई है। नेशनल काउंसिल – जेसीएम (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमिटी ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले अपने मेमोरेंडम (ज्ञापन) को अंतिम रूप दे दिया है। 14 अप्रैल 2026 को शिव गोपाल मिश्रा (सचिव, NC-JCM) द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार, कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है।
आइए ‘सरकारी कलम’ की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि NC-JCM ने 8वें वेतन आयोग के सामने क्या-क्या प्रमुख मांगें रखी हैं।
8वें वेतन आयोग के लिए NC-JCM की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने के लिए जेसीएम ने वेतन संरचना में बड़े बदलावों का खाका तैयार किया है:
1. न्यूनतम वेतन (Minimum Pay) और फिटमेंट फैक्टर
सबसे बड़ी मांग बेसिक सैलरी को लेकर है। NC-JCM ने सुप्रीम कोर्ट के 1991 के फैसले और ICMR (लगभग 3490 Kcal प्रति दिन) के पोषण मानकों का हवाला देते हुए मांग की है कि:
- न्यूनतम वेतन: वर्तमान से बढ़ाकर सीधे ₹69,000 प्रति माह (5 सदस्यों वाले परिवार के लिए) किया जाए।
- फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor): मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.833 तय किया जाए।
2. वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment)
महंगाई और बाजार की स्थितियों को देखते हुए प्रस्ताव दिया गया है कि वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) की दर को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए।
3. वेतनमानों का विलय (Merger of Pay Scales)
वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए जेसीएम ने कई पे-लेवल को एक साथ मिलाने (Merge) का प्रस्ताव दिया है:
- Level 2 और Level 3 को मिलाकर एक पे-स्केल (Level 3) बनाया जाए।
- Level 4 और Level 5 को मिलाकर Level 5 किया जाए।
- Level 7 और Level 8 को मिलाकर Level 8 किया जाए।
- Level 9 और Level 10 को मिलाकर Level 10 किया जाए।
- मौजूदा Level 5 के कर्मचारियों को वन-टाइम मेजर के तौर पर अपग्रेड करके Level 6 में मर्ज किया जाए।
4. HRA (House Rent Allowance) में भारी इजाफा
मकानों के बढ़ते किराए को देखते हुए HRA में शानदार बढ़ोतरी का प्रस्ताव है:
- X क्लास सिटी: बेसिक पे का 40%
- Y क्लास सिटी: बेसिक पे का 35%
- Z क्लास सिटी: बेसिक पे का 30%
साथ ही यह भी मांग की गई है कि HRA को सीधे महंगाई भत्ते (DA) से लिंक किया जाए ताकि महंगाई बढ़ने पर यह अपने आप बढ़ जाए। पेंशनभोगियों को भी HRA देने की सिफारिश की गई है।
5. महंगाई भत्ता (DA) का बेसिक पे में विलय
एक और अहम मांग यह है कि जब भी महंगाई भत्ता (DA) या महंगाई राहत (DR) 25% के आंकड़े को पार करे, तो उसे बेसिक पे (Basic Pay) और बेसिक पेंशन में मर्ज (Merge) कर दिया जाए।
6. अन्य महत्वपूर्ण भत्ते (Other Allowances)
- अतिरिक्त योग्यता भत्ता: अगर कोई कर्मचारी अपने पद की तय योग्यता से अधिक शिक्षा हासिल करता है, तो उसे बेसिक पे का 10% अतिरिक्त भत्ता दिया जाए।
- ओवरटाइम (Overtime): फैक्ट्री एक्ट 1948 के तहत आने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के लिए दोगुनी दर से, और अन्य कर्मचारियों को सिंगल रेट (Basic + DA) से ओवरटाइम दिया जाए।
- जोखिम भत्ता (Risk & Hardship): रेलवे, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और सैनिटरी वर्कर्स जैसे जोखिम भरे काम करने वालों के लिए विशेष भत्ते की मांग की गई है।
आगे क्या होगा?
जेसीएम के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने सभी संबंधित संगठनों से अपने विभागीय मुद्दे और कैडर स्ट्रक्चर से जुड़ी मांगें 31 मई 2026 तक जमा करने का अनुरोध किया है। इसके बाद सभी मांगों को अंतिम रूप से 8वें वेतन आयोग के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
अगर 8वां वेतन आयोग इन सिफारिशों (विशेषकर 3.833 फिटमेंट फैक्टर और ₹69,000 न्यूनतम वेतन) को मान लेता है, तो यह केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगात होगी।
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