😢 शिक्षिका की डांट से आहत छात्रा ने दी जान: स्कूल पहुंचा आक्रोश, 4 शिक्षकों पर FIR

😢 शिक्षिका की डांट से आहत छात्रा ने दी जान: स्कूल पहुंचा आक्रोश, 4 शिक्षकों पर FIR

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद के सौरिख थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कक्षा 5 की 10 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर शिक्षिका की डांट से आहत होकर आत्मघाती कदम उठा लिया।


📍 क्या है पूरा मामला?

सौरिख क्षेत्र के बेहटा रामपुर गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा निधि (10 वर्ष) शनिवार सुबह अपनी छोटी बहन के साथ स्कूल गई थी।

👉 आरोप है कि:

  • स्कूल में एक शिक्षिका ने दोनों बहनों को गंदे कपड़े पहनकर आने और साफ-सफाई न रखने को लेकर डांट लगाई
  • इतना ही नहीं, उन्हें कक्षा से बाहर भी कर दिया गया

इस घटना से आहत दोनों बहनें रोते हुए घर लौट आईं।

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💔 घर पहुंचते ही उठाया खौफनाक कदम

घर पहुंचने के बाद, मानसिक रूप से बेहद आहत छात्रा ने साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली

जब परिवार को इस बात की जानकारी हुई तो पूरे गांव में शोक और गुस्से का माहौल बन गया।


🚨 स्कूल में हंगामा, भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण:

  • छात्रा का शव लेकर स्कूल परिसर पहुंच गए
  • वहां जोरदार हंगामा किया

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए:

  • SDM और तहसीलदार मौके पर पहुंचे
  • साथ ही भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया

⚖️ 4 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज

मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने:

  • चार शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज की है
  • शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है

🧠 एक बड़ा सवाल: क्या डांट इतनी भारी पड़ सकती है?

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है:

  • क्या स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार का तरीका सही है?
  • क्या शिक्षकों को संवेदनशीलता की ट्रेनिंग दी जा रही है?
  • क्या बच्चों की मानसिक स्थिति को समझा जा रहा है?

👉 छोटी-सी डांट भी बच्चों के मन पर गहरा असर डाल सकती है, खासकर तब जब वे पहले से भावनात्मक रूप से कमजोर हों।


📢 “सरकारी कलम” की अपील

👉 शिक्षकों से अपील है कि बच्चों को डांटने के बजाय समझाने का तरीका अपनाएं
👉 अभिभावक भी बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर नजर रखें
👉 सरकार को स्कूलों में काउंसलिंग सिस्टम मजबूत करने की जरूरत है


✍️ निष्कर्ष

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