बीएसए के नाम पर 50 हजार की रिश्वत मांगने वाला बाबू निलंबित, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
📍 उन्नाव। बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। जिले में एक बाबू पर शिक्षक से नोटिस खत्म कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार पांडेय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी बाबू उदयवीर सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
📹 वीडियो में साफ सुनाई दे रही रिश्वत की बातचीत
वायरल वीडियो में कथित तौर पर बाबू और एक शिक्षक के बीच बातचीत रिकॉर्ड हुई है। आरोप है कि बाबू विभाग की ओर से भेजी गई नोटिस को खत्म कराने के लिए बीएसए के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
बताया जा रहा है कि जब बाबू ने पैसों की मांग की तो उसी विद्यालय के सहायक शिक्षक ने बातचीत का वीडियो बना लिया। शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे यह वीडियो वायरल हुआ और देखते ही देखते पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो में बातचीत कुछ इस प्रकार बताई जा रही है—
- बाबू: “बीएसए की नजर में पूरा मामला है, 50 हजार में मानेंगे।”
- शिक्षक: “40 हजार में फाइनल करा दीजिए।”
- बाबू: “50 हजार दिलाकर काम खत्म करो।”
- शिक्षक: “सोमवार को करा दूं?”
- बाबू: “हां, सोमवार को करवा दो, मामला खत्म हो जाएगा।”
🧾 आइजीआरएस शिकायत के नोटिस को खत्म कराने का था मामला
जानकारी के अनुसार आइजीआरएस पोर्टल पर विद्यालय में कमियों को लेकर शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया था।
बांगरमऊ ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तमोरिया बुजुर्ग में कार्यरत सहायक शिक्षक सूर्यम शुक्ला के अनुसार—
👉 शिकायत के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने विद्यालय का निरीक्षण किया था।
👉 नोटिस का जवाब भी विभाग को दे दिया गया था।
👉 बाद में बीएसए ने अभिलेख देखकर मामला सही पाया था।
सहायक शिक्षक का कहना है कि बीएसए से उन्हें कोई शिकायत नहीं है, लेकिन बाबू द्वारा पैसे की मांग कर उन्हें परेशान किया जा रहा था।
⚖️ आरोपी बाबू ने आरोपों को बताया गलत
मामले के तूल पकड़ने के बाद आरोपी बाबू उदयवीर सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। उनका कहना है कि—
- वीडियो में दिखाई जा रही बातें सच्चाई से परे हैं
- वह संबंधित शिक्षक को जानते तक नहीं हैं
- उनके द्वारा किसी प्रकार की कोई रिश्वत की मांग नहीं की गई
🕵️ तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बीएसए ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।
इस टीम में शामिल हैं—
✔ मुख्यालय के बीईओ
✔ सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के बीईओ
✔ बिछिया ब्लॉक के बीईओ
टीम को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
📢 ‘सरकारी कलम’ की बात
बेसिक शिक्षा विभाग में इस तरह के मामले सामने आना पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। यदि कोई कर्मचारी अधिकारियों के नाम पर पैसे मांगकर शिक्षकों को परेशान करता है, तो यह बेहद गंभीर विषय है।
हालांकि इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने वीडियो सामने आते ही तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी बाबू को निलंबित कर दिया, जो यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती जरूरी है।
अब सबकी नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा मामला कितना सच है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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