TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन तेज: 15 मार्च तक जिलों में निकलेगा मशाल जुलूस 🔥📚
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य बनाए जाने के विरोध में यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने आंदोलन तेज करने का एलान किया है। संगठन के अनुसार शनिवार से 15 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में शाम के समय मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
यूटा का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जानी चाहिए।
🔥 7 मार्च से शुरू होगा मशाल जुलूस
यूटा के कार्यक्रम के अनुसार:
- 7 मार्च शाम 5:30 बजे से आंदोलन की शुरुआत होगी
- पहले चरण में बरेली समेत पांच जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा
इसके बाद अन्य जिलों में भी लगातार विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
📚 क्या है शिक्षकों की मुख्य मांग
शिक्षक संगठन का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति आरटीई कानून लागू होने से पहले हो चुकी है, उन्हें टीईटी अनिवार्यता से छूट दी जानी चाहिए।
शिक्षकों का तर्क है कि:
- उनकी नियुक्ति उस समय की नियमावली के अनुसार हुई थी
- बाद में लागू नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू करना उचित नहीं है
🗣️ यूटा अध्यक्ष ने क्या कहा
यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि:
टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर शिक्षकों में व्यापक असंतोष है। मशाल जुलूस के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन के अगले चरण की भी घोषणा की जाएगी।
📌 बढ़ सकता है आंदोलन
शिक्षक संगठनों के इस कदम से आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मुद्दे का समाधान नहीं निकला तो प्रदेश के कई जिलों में शिक्षक संगठनों का बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।
✍️ सरकारी कलम की नजर:
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट देने की मांग लगातार उठती रही है। अब यूटा द्वारा शुरू किया गया यह आंदोलन सरकार के सामने एक नई चुनौती बन सकता है।
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