⚖️ केरल में सरकारी स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक व क्लर्क को 6 साल की सजा, छात्र निधि घोटाले में दोषी करार
केरल से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। केरल में भ्रष्टाचार के एक प्रकरण में अदालत ने सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक और क्लर्क को छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोनों को छात्रों के लिए आई सरकारी निधि में हेरफेर का दोषी पाया और उन पर ₹4.54 लाख का जुर्माना भी लगाया।
📍 क्या है पूरा मामला?
यह मामला किलिमानूर स्थित एक सरकारी स्कूल से जुड़ा है। आरोप था कि छात्रों के हित में आई सरकारी राशि में अनियमितता और हेरफेर की गई।
मामले की सुनवाई तिरुवनंतपुरम की सतर्कता अदालत में हुई।
अदालत के न्यायाधीश मनोज ए ने पूर्व प्रधानाध्यापक के राजन और पूर्व क्लर्क रियाज कलाम को विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए कुल 27 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ (concurrently) चलेंगी, जिसके चलते प्रभावी सजा छह वर्ष की होगी।
💰 जुर्माना भी लगाया गया
दोनों आरोपियों पर कुल ₹4.54 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने कहा कि छात्रों के लिए निर्धारित सरकारी निधि में हेरफेर गंभीर अपराध है और इससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर आघात पहुंचता है।
📢 क्या संदेश देता है यह फैसला?
✔ सरकारी धन के दुरुपयोग पर सख्त रुख
✔ शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता की जरूरत
✔ छात्रों के अधिकारों की रक्षा
यह फैसला स्पष्ट करता है कि छात्र हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
✍ निष्कर्ष
छात्रों के लिए आई सरकारी निधि में गड़बड़ी जैसे मामलों पर अदालत का यह कड़ा फैसला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
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