लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के खिलाफ 114 सांसदों ने हस्ताक्षर कर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जो एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। नियम के मुताबिक प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों की जरूरत होती है, जो कि पूरी हो चुकी है। आखिर प्रस्ताव क्यों लाया गया? विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरत रहे, विपक्ष की बातों को बार-बार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है, और सरकार के पक्ष में झुकाव दिख रहा है। इन्हीं आरोपों के चलते विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया। अब आगे क्या होगा? 1. प्रस्ताव को लोकसभा सचिवालय नियमों के तहत जांचेगा। 2. यदि प्रस्ताव वैध पाया गया तो कम से कम 14 दिन बाद इस पर चर्चा होगी। 3. इसके बाद लोकसभा में चर्चा और वोटिंग होगी। 4. प्रस्ताव तभी पास होगा जब लोकसभा के कुल सदस्यों का बहुमत इसके पक्ष में वोट करे। साफ बात यह है कि 114 सांसदों के हस्ताक्षर से प्रस्ताव औपचारिक रूप से स्वीकार योग्य हो गया है, लेकिन ओम बिड़ला पद पर रहेंगे या हटेंगे, इसका फैसला लोकसभा की वोटिंग से ही होगा।

