UP Aadhaar Seva Kendra: अब गांव में ही बनेगा आधार कार्ड, 1000 पंचायतों में खुलेंगे केंद्र – जानिये पूरी डिटेल
ग्रामीणों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। अब आधार कार्ड बनवाने या उसमें सुधार (Update) करवाने के लिए आपको शहर के चक्कर काटने या लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश सरकार ने ‘ग्राम पंचायत आधार सेवा केंद्र’ की पहल शुरू की है, जिससे यह सुविधा अब आपके घर के पास ही उपलब्ध होगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है, और अब सरकार इसे हर ग्रामीण तक आसानी से पहुँचाने की तैयारी कर रही है।
महत्वपूर्ण बिंदु (Key Highlights)
विभागपंचायती राज विभागयोजना का नामग्राम पंचायत आधार सेवा केंद्रप्रथम चरण (Pilot Project)1000 ग्राम पंचायतेंसंचालक (Operator)ग्राम पंचायत सहायकउद्देश्यग्रामीणों को घर के पास आधार सेवाएं देनालाभसमय और पैसे की बचत, रोजगार सृजन
1. 1000 ग्राम पंचायतों में शुरू होगी सुविधा
सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश की 1,000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।
- इन केंद्रों पर आधार नामांकन (New Enrollment) और अपडेशन (Updation) का कार्य किया जाएगा।
- इसके लिए आवश्यक उपकरणों (Kits) की स्थापना की जा रही है।
- जल्द ही इन केंद्रों पर कामकाज शुरू हो जाएगा, जिससे ग्रामीणों को ब्लॉक या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
2. ग्राम पंचायत सहायकों को मिलेगा रोजगार
यह योजना न केवल आम जनता की सुविधा के लिए है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।
- पंचायती राज निदेशक, अमित कुमार सिंह के अनुसार, इन केंद्रों का संचालन ‘ग्राम पंचायत सहायक’ करेंगे।
- इससे पंचायत सहायकों को नई जिम्मेदारी मिलेगी और वे डिजिटल रूप से साक्षर होकर गांव की मदद कर सकेंगे।
3. UIDAI से मिली मंजूरी, काम होगा पारदर्शी
आधार सेवाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पंचायती राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी (Registrar ID) और इंपैनलमेंट एजेंसी आईडी जारी कर दी है।
- इसका मतलब है कि अब पंचायत स्तर पर होने वाला काम पूरी तरह से अधिकृत (Authorized) होगा।
4. क्यों जरूरी है यह कदम?
अक्सर देखा गया है कि आधार कार्ड न होने या उसमें छोटी-सी गलती (जैसे नाम या जन्मतिथि में त्रुटि) होने के कारण ग्रामीण सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।
- वृद्धावस्था पेंशन, किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसी सुविधाओं के लिए आधार अनिवार्य है।
- अब गांव में ही केंद्र होने से लोग चंद मिनटों में अपनी समस्याएं सुलझा सकेंगे और सरकारी लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
5. भविष्य की योजना
फिलहाल यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 1,000 पंचायतों में शुरू हो रही है। सफलता के बाद इसे प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा, जिससे हर गांव “डिजिटल गांव” बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
निष्कर्ष: सरकार का यह कदम “शासन आपके द्वार” की दिशा में एक बड़ी पहल है। इससे न केवल ग्रामीणों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता भी आएगी। अब देखना यह है कि यह सेवा कब से सुचारू रूप से शुरू होती है।
