⚖️ गलत आदेश को आधार बनाकर दूसरा अवैध आदेश नहीं हो सकता: अनुकंपा शिक्षक नियुक्ति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला


⚖️ गलत आदेश को आधार बनाकर दूसरा अवैध आदेश नहीं हो सकता: अनुकंपा शिक्षक नियुक्ति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम निर्णय में साफ कहा है कि यदि प्रशासन ने किसी मामले में पूर्व में कोई गलत या अवैध निर्णय लिया है, तो उसी गलती को आधार बनाकर किसी दूसरे व्यक्ति के पक्ष में वैसा ही आदेश पारित करने के लिए अधिकारियों को बाध्य नहीं किया जा सकता

इसी टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकलपीठ ने अनुकंपा के आधार पर सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर दाखिल याचिका को खारिज कर दिया।


📌 क्या था पूरा मामला?

यह मामला जनपद फतेहपुर से जुड़ा है।

  • याचिकाकर्ता आदित्य कुमार व एक अन्य ने
  • अपने पिता की सेवाकाल के दौरान मृत्यु के बाद
  • अनुकंपा नियुक्ति के तहत सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मांग की

लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया।

इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने
👉 बीएसए के आदेश को
👉 इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी।

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⚖️ सरकार की ओर से क्या दलील दी गई?

शिक्षा विभाग की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता ने
शैलेंद्र कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले का हवाला दिया।

सरकारी पक्ष ने बताया कि—

  • वर्ष 2024 में इलाहाबाद हाईकोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि
    👉 सहायक अध्यापक पद पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं की जा सकती
  • कोर्ट ने यह भी कहा था कि
    👉 ऐसी नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) का उल्लंघन है

🧑‍⚖️ याचिकाकर्ताओं की दलील क्या थी?

याचियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि—

  • उक्त आदेश के बावजूद
  • जून से सितंबर 2025 के बीच
  • प्रदेश के विभिन्न जिलों में
  • कई लोगों को अनुकंपा के आधार पर सहायक अध्यापक नियुक्त किया गया

👉 ऐसे में याचियों को लाभ न देना
👉 भेदभावपूर्ण है।


🏛️ हाईकोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला देते हुए कहा—

❝ किसी पूर्व की गलती को दोहराने या
किसी अन्य अवैध आदेश को जारी करने के लिए
रिट याचिका के माध्यम से
न्यायालय पर दबाव नहीं बनाया जा सकता ❞

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि—

  • गलत आदेश मिसाल नहीं बन सकता
  • ❌ अवैध नियुक्ति का हवाला देकर
    वैसी ही दूसरी नियुक्ति नहीं मांगी जा सकती

इसी आधार पर कोर्ट ने
👉 याचिका को योग्यता के अभाव में खारिज कर दिया।


🎯 इस फैसले का क्या मतलब है?

यह फैसला खास तौर पर—

  • 📚 शिक्षा विभाग
  • 👩‍🏫 शिक्षक भर्ती
  • ⚖️ अनुकंपा नियुक्ति मामलों

के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

👉 कोर्ट ने फिर साफ कर दिया है कि
अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं, बल्कि अपवाद है
और वह भी कानून के दायरे में ही संभव है


✍️ सरकारी कलम की राय

सरकारी कलम का मानना है कि—

  • शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में
    👉 नियमों से हटकर नियुक्तियां
    👉 न केवल कानून, बल्कि
    👉 बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ हैं

यह फैसला
✔️ मनमानी पर रोक
✔️ कानून की सर्वोच्चता
✔️ पारदर्शी भर्ती व्यवस्था

को मजबूत करता है।


🌐 शिक्षा विभाग, शिक्षक भर्ती और कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों की सटीक जानकारी के लिए जुड़े रहें —
👉 सरकारी कलम (www.sarkarikalam.com)

✍️ — सरकारी कलम | न्यायिक विशेष रिपोर्ट

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