🏫 प्रदेश के 45 राजकीय पॉलीटेक्निक बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, टाटा टेक्नोलॉजी देगा तकनीकी सहयोग
प्रदेश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के 45 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों को अब टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में 613 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया है।
इस योजना के लागू होने से प्रदेश के हजारों युवाओं को अत्याधुनिक लैब, आधुनिक मशीनों और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। 🎓⚙️
🚀 युवाओं को मिलेगा इंडस्ट्री-रेडी प्रशिक्षण
प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल संस्थानों का भौतिक विकास नहीं, बल्कि छात्रों को आज की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाना है। टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से इन पॉलीटेक्निक संस्थानों में ऐसी प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी, जहां छात्र हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के जरिए सीख सकेंगे।
👉 इससे छात्रों की रोजगार क्षमता (Employability) में सीधा इजाफा होगा।
🏗️ अतिरिक्त भूमि और नए भवन निर्माण का रास्ता होगा साफ
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए
- 🏢 अतिरिक्त भूमि खरीद,
- 🧱 नए भवनों का निर्माण,
- 🔧 अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना
जैसे कार्य किए जाएंगे। बजट स्वीकृत होने के बाद इन सभी कार्यों को गति मिलने की संभावना है।
💰 अनुपूरक बजट में अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
अनुपूरक बजट में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई अहम प्रस्ताव किए गए हैं 👇
🔧 तकनीकी एवं कौशल विकास
- 🏫 राजकीय पॉलीटेक्निक के अपग्रेडेशन व सुदृढ़ीकरण के लिए – 2.23 करोड़ रुपये
- 👷 कौशल विकास मिशन के तहत 50 हजार अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण हेतु – 150 करोड़ रुपये
- 🛠️ राजकीय आईटीआई में एक अतिरिक्त व्यवसाय खोलने के लिए – 12 करोड़ रुपये
- ⚙️ मशीन व उपकरण खरीद के लिए – 20 करोड़ रुपये
🖥️ सचिवालय में ई-गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश सरकार ने ई-गवर्नेंस योजना के तहत
- 🖥️ सचिवालय में 300 कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की खरीद के लिए
- 💸 चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इससे सरकारी कामकाज अधिक तेज, पारदर्शी और सुगम होने की उम्मीद है।
🎖️ एनसीसी और शिक्षा विभाग को भी बजटीय समर्थन
- 🇮🇳 एनसीसी प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए – 9 करोड़ रुपये
- 📄 माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज व क्षेत्रीय कार्यालयों में ई-ऑफिस, यात्रा देयक व अन्य मदों के लिए – 2.90 करोड़ रुपये
✍️ सरकारी कलम की राय
प्रदेश सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल गवर्नेंस पर किया गया यह निवेश युवाओं के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। विशेष रूप से पॉलीटेक्निक और आईटीआई छात्रों के लिए यह योजना रोजगार के नए द्वार खोल सकती है।
👉 सरकारी कलम मानता है कि यदि इन योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ लागू किया गया, तो प्रदेश का युवा वर्ग राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेगा।
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