❌ 29–30 जनवरी को यूपी-टीईटी की संभावना कम, नए अध्यक्ष के सामने पहला बड़ा फैसला


❌ 29–30 जनवरी को यूपी-टीईटी की संभावना कम, नए अध्यक्ष के सामने पहला बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यूपी-टीईटी (UP-TET) को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है।
29 और 30 जनवरी को प्रस्तावित यूपी-टीईटी परीक्षा का आयोजन फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है। 📚

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया है और उनके सामने सबसे पहली और सबसे बड़ी चुनौती टीईटी के आयोजन को लेकर निर्णय लेना है।


🏛️ आयोग की बैठक में हो सकता है फैसला

सूत्रों के अनुसार, इस मंगलवार को होने वाली आयोग की अहम बैठक में यूपी-टीईटी को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
हालांकि, वर्तमान हालात को देखते हुए परीक्षा टलने की संभावना अधिक मानी जा रही है।


🕵️‍♂️ पेपर लीक की कड़वी यादें अभी भी ताजा

गौरतलब है कि इससे पहले
📌 28 नवंबर 2021 को यूपी-टीईटी का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।
उसके बाद तमाम प्रयासों और दबाव के बावजूद
📌 21 जनवरी 2022 को जाकर परीक्षा आयोजित हो सकी थी।

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👉 इस घटना ने न सिर्फ व्यवस्था की पोल खोली, बल्कि प्रतियोगी छात्रों का भरोसा भी गहराई से तोड़ा।


⏳ दो महीने से कम में परीक्षा कराना मुश्किल

शिक्षा जगत से जुड़े जानकारों का साफ कहना है कि

टीईटी जैसी राज्य स्तरीय परीक्षा की तैयारी में कम से कम दो महीने का समय लगता है।

🔹 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण
🔹 प्रश्नपत्रों की गोपनीय छपाई
🔹 सुरक्षा एजेंसियों से समन्वय
🔹 डिजिटल और भौतिक निगरानी व्यवस्था

इन सभी प्रक्रियाओं के लिए वर्तमान में चयन आयोग के पास पर्याप्त समय नहीं है, जिससे 29–30 जनवरी को परीक्षा कराना व्यावहारिक नहीं लगता।


😟 प्रतियोगियों में गहरी नकारात्मकता

वर्तमान समय में

  • आयोग को लेकर प्रतियोगी छात्रों में भारी नकारात्मकता है
  • बार-बार की देरी और अनिश्चितता ने मानसिक दबाव बढ़ाया है
  • ऐसे माहौल में आयोग के अधिकारी कोई भी जोखिम लेने से बचना चाहेंगे

सरकारी कलम का मानना है कि

जल्दबाजी में परीक्षा कराने से बेहतर है कि पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से टीईटी कराई जाए।


✍️ सरकारी कलम की स्पष्ट राय

सरकारी कलम हमेशा से यह मांग करता रहा है कि
✔️ टीईटी समय पर हो
✔️ पेपर लीक से पूरी तरह मुक्त हो
✔️ और अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो

यदि परीक्षा टलती है, तो सरकार और आयोग को स्पष्ट तिथि और ठोस रोडमैप के साथ घोषणा करनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों की तैयारी और मानसिक स्थिति पर असर न पड़े।


📢 सरकारी कलम
शिक्षकों, शिक्षामित्रों और प्रतियोगी छात्रों की सशक्त आवाज़

👉 यूपी-टीईटी से जुड़ी हर आधिकारिक सूचना, तिथि परिवर्तन और आयोग के निर्णय सबसे पहले सरकारी कलम पर प्रकाशित किए जाएंगे।

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