⚠️ WhatsApp यूजर्स अलर्ट: एक क्लिक से हैक हो सकता है अकाउंट, CERT-In ने जारी की एडवाइजरी


⚠️ WhatsApp यूजर्स अलर्ट: एक क्लिक से हैक हो सकता है अकाउंट, CERT-In ने जारी की एडवाइजरी

अगर आप वाट्सएप इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
अब किसी जानने वाले के नंबर से आए लिंक पर भी आंख मूंदकर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है। 📵
भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने वाट्सएप के डिवाइस-लिंकिंग फीचर में गंभीर खामी का पता लगाया है, जिसके जरिए साइबर अपराधी यूजर्स का अकाउंट पूरी तरह हैक कर सकते हैं।

इस नई साइबर तकनीक को “घोस्टपेयरिंग (Ghost Pairing)” नाम दिया गया है।


🕵️‍♂️ क्या है घोस्टपेयरिंग?

CERT-In के अनुसार,
घोस्टपेयरिंग एक ऐसा साइबर हमला है जिसमें
👉 बिना पासवर्ड, बिना ओटीपी और बिना सिम स्वैप
👉 सिर्फ डिवाइस-लिंकिंग फीचर का दुरुपयोग कर
👉 वाट्सएप अकाउंट पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया जाता है।

हमलावर अपने डिवाइस को पीड़ित के अकाउंट से लिंक कर लेता है और उसे WhatsApp Web जैसा पूरा एक्सेस मिल जाता है।


📱 WhatsApp हैक होने पर क्या-क्या खतरे?

अगर आपका अकाउंट घोस्टपेयरिंग के जरिए हैक हो गया, तो साइबर अपराधी —

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❌ आपके पुराने सिंक मैसेज पढ़ सकते हैं
नए मैसेज रियल-टाइम में प्राप्त कर सकते हैं
फोटो, वीडियो और वॉयस नोट देख/सुन सकते हैं
❌ आपके कॉन्टैक्ट्स और ग्रुप्स में मैसेज भेज सकते हैं
❌ आपकी पहचान से ठगी और फर्जीवाड़ा कर सकते हैं

👉 सबसे खतरनाक बात यह है कि पीड़ित को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता


📩 “हाय, यह फोटो देखें…” से शुरू होता है जाल

CERT-In के मुताबिक हमले की शुरुआत अक्सर ऐसे होती है —

📌 किसी जानने वाले के हैक हुए नंबर से संदेश आता है
📌 मैसेज होता है — “हाय, यह फोटो देखें”
📌 साथ में एक फेसबुक जैसा दिखने वाला फर्जी लिंक
📌 लिंक पर क्लिक करने पर नकली Facebook Viewer पेज खुलता है
📌 वहां “सत्यापन” के नाम पर फोन नंबर डालने को कहा जाता है

⚠️ जैसे ही यूजर नंबर डालता है,
👉 हमलावर डिवाइस-लिंकिंग फीचर के जरिए अकाउंट से जुड़ जाता है
👉 और पूरा WhatsApp एक्सेस मिल जाता है।


🚨 CERT-In की एडवाइजरी: ऐसे करें बचाव

भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने यूजर्स को सतर्क करते हुए ये उपाय बताए हैं 👇

✅ सुरक्षा के जरूरी उपाय

🔹 किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, भले ही वह परिचित से आया हो
🔹 WhatsApp/Facebook जैसे दिखने वाले फर्जी वेबसाइट्स पर नंबर न डालें
🔹 WhatsApp में जाकर
➡️ Settings > Linked Devices
➡️ अनजान डिवाइस को तुरंत Remove करें
🔹 टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2-Step Verification) जरूर ऑन रखें
🔹 समय-समय पर अपने लिंक्ड डिवाइस चेक करते रहें


📵 WhatsApp की चुप्पी

इस गंभीर साइबर खतरे को लेकर
👉 WhatsApp (Meta) की ओर से फिलहाल
👉 कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है,
जो यूजर्स की चिंता को और बढ़ाती है।


✍️ सरकारी कलम की सलाह

सरकारी कलम का स्पष्ट मानना है कि —

डिजिटल साक्षरता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

सरकार और तकनीकी कंपनियों के साथ-साथ
👨‍👩‍👧‍👦 आम नागरिकों को भी सतर्क रहना होगा,
क्योंकि एक छोटी-सी लापरवाही
👉 निजी डेटा, पहचान और पैसे — सब कुछ खतरे में डाल सकती है।


📢 सरकारी कलम
जनहित, जागरूकता और सुरक्षा की आवाज़

👉 ऐसी ही साइबर अलर्ट, सरकारी एडवाइजरी और उपयोगी खबरों के लिए जुड़े रहें।

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