EPFO के नियमों में बड़ा सुधार, नौकरी बदलने पर 60 दिन का अंतर भी नहीं माना जाएगा सर्विस ब्रेक 💼🛡️
नई दिल्ली।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में अहम और राहत भरा बदलाव किया है। अब दो नौकरियों के बीच 60 दिनों तक का अंतर (गैप) होने पर भी कर्मचारी की सेवा को लगातार (Continuous Service) माना जाएगा।
इस बदलाव से सबसे बड़ा फायदा बीमा सुरक्षा (EDLI स्कीम) से जुड़े मामलों में मिलेगा, जहां पहले तकनीकी कारणों से परिवार को लाभ से वंचित होना पड़ता था।
मृत्यु होने पर परिवार को मिलेगा बीमा लाभ 🏥⚖️
नए नियम के अनुसार—
यदि किसी EPFO सदस्य की मृत्यु आखिरी PF योगदान की तारीख से 60 दिन के भीतर हो जाती है और वह कर्मचारी कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज था, तो उसके परिवार को एम्प्लॉयी डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) योजना का लाभ दिया जाएगा।
👉 पहले यह लाभ सिर्फ तभी मिलता था, जब सेवा में कोई भी ब्रेक न हो।
शनिवार-रविवार अब सर्विस ब्रेक नहीं 📅❌
EPFO ने नौकरी बदलने से जुड़े एक और बड़े तकनीकी झंझट को खत्म कर दिया है। अब—
- शनिवार
- रविवार
- राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holiday)
को सर्विस ब्रेक नहीं माना जाएगा।
पहले क्या होता था?
अगर कोई कर्मचारी—
- शुक्रवार को पुरानी कंपनी से रिलीव हुआ
- सोमवार को नई कंपनी ज्वाइन की
तो बीच के शनिवार-रविवार को सर्विस ब्रेक मान लिया जाता था।
👉 अगर इसी दौरान कर्मचारी की मृत्यु हो जाती थी, तो परिवार को EDLI बीमा का लाभ नहीं मिलता था।
अब इस अन्यायपूर्ण स्थिति को खत्म कर दिया गया है।
करोड़ों कर्मचारियों को राहत 😌
इस संशोधन से—
✔️ नौकरी बदलने वाले कर्मचारी सुरक्षित होंगे
✔️ तकनीकी कारणों से बीमा लाभ नहीं रुकेगा
✔️ परिवारों को संकट के समय आर्थिक सहारा मिलेगा
✔️ EPFO सिस्टम अधिक व्यवहारिक और मानवीय बनेगा
सरकारी कलम का विश्लेषण ✍️
सरकारी कलम का मानना है कि—
- यह फैसला कर्मचारी-हित में ऐतिहासिक सुधार है
- नौकरी बदलना आज की जरूरत है, इसे जोखिम नहीं बनना चाहिए
- बीमा लाभ को तकनीकी ब्रेक से जोड़ना अनुचित था, जिसे अब सुधारा गया है
📢 EPFO के ये बदलाव कर्मचारियों के भरोसे को मजबूत करते हैं और सामाजिक सुरक्षा को वास्तविक अर्थों में लागू करते हैं।
