🏫 एसआईआर के बीच फंसी शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया❄️ जाड़े की छुट्टियां सिर पर, लेकिन तबादले को लेकर विभाग मौन


🏫 एसआईआर के बीच फंसी शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया

❄️ जाड़े की छुट्टियां सिर पर, लेकिन तबादले को लेकर विभाग मौन

लखनऊ।
प्रदेश में चल रहे मत पुनरीक्षण अभियान (SIR) की तिथि बढ़ाए जाने के बीच परिषदीय शिक्षकों की स्थानांतरण (तबादला) प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। हर वर्ष की तरह इस बार भी जाड़े और गर्मी की छुट्टियों में ही शिक्षकों के जिले के अंदर और एक जिले से दूसरे जिले में तबादले की प्रक्रिया होनी है, लेकिन एसआईआर के कारण विभाग ने इस पर चुप्पी साध रखी है

इससे शिक्षकों में यह डर गहराने लगा है कि कहीं एसआईआर के चक्कर में इस बार भी तबादले की प्रक्रिया न अटक जाए। 😟


📅 31 दिसंबर से जाड़े की छुट्टियां, लेकिन कोई कार्यक्रम नहीं

बेसिक शिक्षा विभाग में 31 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश शुरू होने वाला है। विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि—

  • तबादले के लिए पोर्टल साल भर खुला रहेगा,
  • लेकिन वास्तविक तबादला प्रक्रिया
    👉 जाड़े और गर्मी की छुट्टियों में ही पूरी की जाएगी।

इसके बावजूद अब तक
❌ न कोई कार्यक्रम जारी हुआ,
❌ न ही तबादले को लेकर कोई आदेश सामने आया है।


🤔 शिक्षामित्र भी दुविधा में

शिक्षामित्रों के तबादले को लेकर शासनादेश जारी हो चुका है, लेकिन अब तक—

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  • तबादले का कार्यक्रम जारी नहीं हुआ
  • जिससे शिक्षामित्रों में भी यह आशंका है कि
    👉 कहीं इस बार भी केवल शासनादेश जारी होकर ही मामला न रह जाए

🔁 परस्पर तबादले की मांग तेज

उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने विभाग से मांग की है कि—

✅ शिक्षकों के परस्पर तबादले (Mutual Transfer) का आदेश
तत्काल जारी किया जाए,
ताकि शीतकालीन अवकाश में शिक्षक अपने घर के पास स्थानांतरण करा सकें।


🗣️ “जोड़ा बनाने में ही लग जाता है समय”

संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा—

“परस्पर तबादले में शिक्षक को अपना जोड़ा बनाने में ही काफी समय लगता है।
यदि आदेश देर से आया, तो शिक्षक साथी खोज ही नहीं पाएंगे।”

उन्होंने स्पष्ट मांग की कि—

📌 30 दिसंबर से पहले तबादले का आदेश जारी किया जाए
📌 शिक्षकों को पर्याप्त समय दिया जाए
📌 ताकि अधिक से अधिक शिक्षक इसका लाभ उठा सकें


⚠️ एसआईआर बनाम शिक्षक हित?

शिक्षक संगठनों का कहना है कि—

🔹 एसआईआर एक प्रशासनिक कार्य है
🔹 लेकिन उसके नाम पर शिक्षकों के वैधानिक अधिकारों को टाला नहीं जा सकता
🔹 पहले भी कई बार तबादला प्रक्रिया अधर में लटकती रही है


✍️ सरकारी कलम की टिप्पणी

सरकारी कलम मानता है कि—

🟢 तबादला केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि
🟢 शिक्षकों के पारिवारिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन से जुड़ा विषय है।

यदि हर साल की परंपरा के अनुसार
✔️ जाड़े की छुट्टियों में तबादला होना है
तो
एसआईआर को बहाना बनाकर इसे टालना अनुचित है।

सरकार और विभाग को चाहिए कि—

✅ तत्काल स्पष्ट कार्यक्रम जारी करे
✅ शिक्षकों की अनिश्चितता समाप्त करे
✅ और यह भरोसा दे कि इस बार तबादला प्रक्रिया वास्तव में पूरी होगी, सिर्फ कागजों में नहीं

अब नजरें बेसिक शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। 👀📚


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