यूट्यूबर ने बिना अनुमति स्कूल परिसर में घुसकर वीडियो बनाया, उसे यूट्यूब पर वायरल किया और बाद में वीडियो हटाने के बदले 1.50 लाख रुपये की मांग

🖊️ सरकारी कलम | शिक्षा व्यवस्था विशेष रिपोर्ट

राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय राम आसरे पुरवा में तैनात सहायक शिक्षिका नम्रता सिंह ने एक महिला यूट्यूबर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षिका का कहना है कि यूट्यूबर ने बिना अनुमति स्कूल परिसर में घुसकर वीडियो बनाया, उसे यूट्यूब पर वायरल किया और बाद में वीडियो हटाने के बदले 1.50 लाख रुपये की मांग की। मामले में गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। 🚨


📌 क्या है पूरा मामला?

पीड़िता सहायक शिक्षिका नम्रता सिंह के अनुसार:

  • 📅 8 सितंबर को वह विद्यालय में अनुदेशक राजेंद्र शुक्ला और शिक्षिका सरिता सिंह के साथ मौजूद थीं
  • 🕝 दोपहर करीब 2:40 बजे एक महिला यूट्यूबर
  • बिना किसी अनुमति के
  • ⚠️ धमकाते हुए स्कूल परिसर में घुस आई
  • 🎥 जबरन शिक्षकों और विद्यालय का वीडियो रिकॉर्ड करने लगी

शिक्षिका का आरोप है कि जब यूट्यूबर को कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, तो उसने छुट्टी के समय बच्चों को बहला-फुसलाकर शिक्षकों के खिलाफ झूठी बातें बुलवाकर रिकॉर्ड कर लीं।

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📲 यूट्यूब पर वीडियो वायरल, फिर शुरू हुई वसूली

नम्रता सिंह ने बताया कि:

  • अगले दिन उन्हें यूट्यूब पर अपना वीडियो अपलोड हुआ मिला
  • जब उन्होंने यूट्यूबर के कैमरामैन को कॉल कर वीडियो हटाने को कहा
  • तो उसने साफ इनकार कर दिया

आरोप है कि:

  • 🕑 दोपहर 2:13 बजे
  • महिला यूट्यूबर ने अनुदेशक राजेंद्र शुक्ला को कॉल कर
  • 📞 वीडियो हटाने के बदले 1.50 लाख रुपये की मांग की

🚓 गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज

मानसिक रूप से परेशान होकर सहायक शिक्षिका ने गोमतीनगर थाने में लिखित शिकायत दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि:

“मामले की जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।”


⚖️ शिक्षकों की गरिमा और स्कूल की सुरक्षा पर सवाल

यह मामला केवल एक शिक्षिका तक सीमित नहीं है, बल्कि यह:

  • 🏫 विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था
  • 👩‍🏫 शिक्षकों की गरिमा
  • 📚 बच्चों के मानसिक शोषण

जैसे गंभीर सवाल खड़े करता है। बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश और बच्चों का वीडियो बनाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।


✍️ सरकारी कलम की टिप्पणी

📢 सोशल मीडिया की आड़ में शिक्षकों को डराना, बदनाम करना और वसूली जैसा कृत्य बेहद निंदनीय है। विद्यालय कोई कंटेंट बनाने की जगह नहीं, बल्कि बच्चों का भविष्य गढ़ने का मंदिर है।

🔹 सरकार और शिक्षा विभाग को चाहिए कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई हो
🔹 विद्यालय परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए

सरकारी कलम शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा के पक्ष में मजबूती से खड़ा है।

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