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टेट से मुक्ति की मांग तेज: सांसद डॉ. आनंद कुमार गोड़ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की मांग पर बड़ा कदम उठाते हुए सांसद डॉ. आनंद कुमार गोड़ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट (TET) से मुक्त करने की मांग की है।
2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को मिले छूट – सांसद की मांग
सांसद ने अपने पत्र में कहा कि जिस राज्य में जिस तिथि से शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू हुआ, उससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में यह नियम 27 जुलाई 2011 से लागू हुआ था, इसलिए इससे पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टेट से राहत मिले।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से चिंता बढ़ी
जिलाध्यक्ष विद्याविलास पाठक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि
कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को टेट पास करना अनिवार्य है,
अन्यथा उन्हें दो वर्ष बाद सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है।
इसी वजह से शिक्षकों में भारी चिंता है।
शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल मिला था सांसद से
इस मुद्दे पर शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद से मिला था और
टेट से मुक्ति की मांग रखी थी।
सांसद ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि—
- पूरे देश में लगभग 40 लाख शिक्षक प्रभावित होंगे
- उत्तर प्रदेश में ही चार लाख से अधिक परिवार इस फैसले से संकट में आएंगे
इसलिए RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से छूट देना जरूरी है।
कानूनी या संसदीय उपाय से हो समाधान
सांसद ने सुझाव दिया कि इस समस्या का समाधान
- संसद में विधायी संशोधन, या
- कानूनी उपाय
से निकाला जा सकता है।
उधर, उत्तर प्रदेश सरकार तथा जूनियर शिक्षक संघ ने भी सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत प्रतिवेदन देकर अपनी बात रखी है।
सांसद के कदम का स्वागत
जूनियर शिक्षक संघ ने सांसद डॉ. आनंद कुमार गोड़ द्वारा उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है और इसे शिक्षकों के हित में बड़ी उम्मीद बताया है।
