बर्खास्तगी की चेतावनी के बाद लेखपाल ने शादी से एक दिन पहले की आत्महत्या — बिंदकी में सुराग और आक्रोश 😢

बर्खास्तगी की चेतावनी के बाद लेखपाल ने शादी से एक दिन पहले की आत्महत्या — बिंदकी में सुराग और आक्रोश 😢

बिंदकी (फतेहपुर) — 26 नवंबर: तहसील में एसआईआर/बीएलओ से जुड़े तनाव के बाद लेखकपाल सुधीर कुमार (35) ने मंगलवार सुबह फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना ने क्षेत्र में आक्रोश और प्रशासन के खिलाफ सवाल खड़े कर दिए हैं। ⚖️

बिंदकी कोतवाली के खजुहा कस्बा (बागबादशाही) निवासी लेखपाल सुधीर कुमार की तैनाती बिंदकी तहसील में थी। सुधीर जहानाबाद विधानसभा में एसआईआर (मतदाता सूची संशोधन/सर्वेक्षण) का काम BLO के रूप में देख रहे थे। उनके परिवार के अनुसार, सुधीर की शादी आज (26 नवंबर) होनी थी और बरात खजुहा ब्लॉक को जानी थी। 💍

WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now

परिवार ने बताया कि 22 नवंबर को मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी एक बैठक थी, जिसमें शादी के कारण सुधीर उपस्थित नहीं हो पाए। बैठक में उनकी गैर-मौजूदगी पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई — इसी तनाव और दबाव के बीच मंगलवार सुबह उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटना के मुख्य तथ्य (Quick Facts) 📝

  • मृतक: लेखपाल सुधीर कुमार, उम्र 35 साल।
  • तारीख: आत्महत्या की घटना — मंगलवार सुबह; शादी की तिथि — 26 नवंबर।
  • स्थान: खजुहा कस्बा, बिंदकी तहसील, फतेहपुर।
  • बैकग्राउंड: एसआईआर/मतदाता पुनरीक्षण की बैठक में अनुपस्थिति, मिलने वाली चेतावनी/अनुशासनात्मक कार्रवाई।
  • प्रतिक्रिया: अन्य लेखपालों का प्रदर्शन — एसडीएम व कानूनगो के खिलाफ FIR की मांग।

परिवार और नज़दीकी बयान

सुधीर की बहन अमृता सिंह ने बताया कि शादी के तैयारियों के कारण भाई बैठक में नहीं पहुँच पाए थे। परिजनों का कहना है कि बैठक में शामिल न होने पर उन्हें नोटिस/चेतावनी मिली, जिसके बाद सुधीर काफी तनाव में थे। परिवार के अनुसार यह दबाव उनके मानसिक हालात पर भारी पड़ा। 💔

“मैं बात करने की स्थिति में नहीं हूं। मुझ पर लगाए आरोप गलत हैं। बस इतना ही कह सकता हूं।” — संजय सक्सेना, एसडीएम

घटना के समय के घटनाक्रम

परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे कानूनगो शिवराम सुधीर के घर दरवाज़े पर पहुंचे और एसआईआर प्रपत्र (फीडिंग) रखकर कहा कि चुनाव/मतदाता कार्य करो, वरना बर्खास्त कर दिया जाएगा। इसी बातचीत और प्रशासनिक दबाव को परिवार आत्महत्या के पीछे एक प्रमुख कारण मान रहा है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच 🕵️‍♂️

घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित अन्य लेखपालों ने तहसीलदार/एसडीएम और कानूनगो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। घटना स्थल पर एएसपीएडीएम भी पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया। हालांकि, देर शाम तक परिजनों ने शव नहीं उठने दिया था — वे सीबीआई/कठोर जांच की मांग कर रहे थे।

एडीएम अविनाश त्रिपाठी ने कहा: “मामले की जांच कराकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।” जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की घोषणा की जाएगी। 🔍

स्थानीय प्रतिक्रियाएँ और मांगें

सुधीर की मौत ने क्षेत्रीय प्रशासन के तरीक़े और एसआईआर जैसे संवेदनशील चुनावी कामों में अधिकारियों के रुख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन कर रहे लेखपालों का कहना है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई की जगह पहले समझाया जाना चाहिए था — और किसी भी कर्मचारी के मानसिक स्वास्थ्य पर इसका असर भी समझा जाना चाहिए। ✊

किस तरह से उठ सकती हैं सुधारात्मक कदम? 💡

  1. किसी भी अनुशासनात्मक कदम से पहले मानसिक कल्याण और समझाइश पर जोर।
  2. एसआईआर/चुनावी कामों की समयसीमा और छुट्टियों पर पारदर्शिता।
  3. तनाव से जुड़े मामलों में त्वरित मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना।
  4. घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और परिजनों की दी गई जानकारी पर आधारित है। जांच प्रगति पर जैसे ही आधिकारिक बयान आएगा, उससे लेख अपडेट किया जाएगा।

शेयर करें:

🔵 Facebook
🐦 X
🟢 WhatsApp

टैग: बिंदकी, फतेहपुर, एसआईआर, लेखपाल, आत्महत्या

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top