🔍 यूपी के स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की बड़ी सर्जरी कार्यवाही: डिजिटल संसाधन न चलाने वाले स्कूलों की अब होगी जवाबदेही!


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🔍 यूपी के स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की बड़ी सर्जरी: डिजिटल संसाधन न चलाने वाले स्कूलों की अब होगी जवाबदेही!

– सरकारी कलम रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार अब परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में मौजूद डिजिटल संसाधनों का 100% उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए हाई-टेक सिस्टम का वास्तविक उपयोग न होने की लगातार शिकायतों के बाद अब सरकार ने कड़ाई से जवाबदेही तय करने के आदेश दिए हैं। 🚨


📌 हर जिले के 10–10 स्कूल चिन्हित होंगे – जो डिजिटल संसाधन का उपयोग नहीं कर रहे

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों व सीडीओ को निर्देश दिया:

👉 डिजिटल संसाधन होने के बाद भी उपयोग न करने वाले हर जिले के 10 स्कूल चिन्हित करें।
👉 अलग-अलग टीमें बनाकर वहां नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
👉 हर 15 दिन में समीक्षा बैठक करके प्रगति रिपोर्ट भेजी जाए।


💻 यूपी के सरकारी स्कूलों में अब तक उपलब्ध डिजिटल सुविधाएँ

राज्य में बड़े स्तर पर टेक-इनेबल्ड शिक्षा ढांचा तैयार किया जा चुका है:

जो संसाधन पहले से कार्यरत हैं:

संसाधन संख्या 📱 टैबलेट 2,61,530 🖥️ आईसीटी लैब (ब्लॉक लेवल) 880 🎥 स्मार्ट क्लास 18,381

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जो संसाधन बनकर तैयार हो रहे हैं:

संसाधन संख्या 🖥️ आईसीटी लैब 5,817 🎬 स्मार्ट क्लास 7,409 📚 डिजिटल लाइब्रेरी (PM Shri) 570


🎯 सरकार का लक्ष्य: “रोचक, आधुनिक और इंटरेक्टिव शिक्षा”

सरकार चाहती है कि बच्चे सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि डिजिटल तरीके से सीखें
यही कारण है कि:

✔️ स्मार्ट क्लास में वीडियो लेसन
✔️ टैबलेट से डिजिटल असाइनमेंट
✔️ ICT लैब में कंप्यूटर स्किल
✔️ PM-Shri स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी

को अनिवार्य रूप से उपयोग कराया जाएगा।


❗ शिकायतें बढ़ीं – कई स्कूल डिजिटल संसाधन होने के बावजूद उपयोग नहीं कर रहे थे

जिलों से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि:

  • स्मार्ट क्लास बंद पड़े हैं
  • टैबलेट अलमारी में बंद हैं
  • ICT लैब में कंप्यूटर धूल खा रहे हैं
  • डिजिटल लाइब्रेरी का उपयोग लगभग शून्य है

अब इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने कहा है:

“उपलब्ध सुविधाओं का यदि उपयोग नहीं होगा, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।”

— आदेश अनुसार


📢 निर्देश: BSA खुद स्कूलों में जाकर निरीक्षण करेंगे

बीएसए को आदेश दिया गया है कि:

🔹 हर स्कूल का फील्ड विजिट करें
🔹 संसाधनों का वास्तविक उपयोग देखें
🔹 उपयोग में लापरवाही या ढिलाई मिलने पर कार्रवाई करें


✨ सरकारी कलम की राय (शिक्षक हित में):

सरकारी स्कूलों में डिजिटल संसाधन बेहद जरूरी हैं —
लेकिन शिक्षक-मित्रों को प्रशिक्षण और तकनीकी सपोर्ट मिलना भी उतना ही जरूरी है।
सरकारी कलम का मानना है कि:

✔️ डिजिटल संसाधन उपयोग अनिवार्य हो — पर शिक्षक को दोषी ठहराना आखिरी विकल्प होना चाहिए
✔️ प्रत्येक स्कूल को तकनीकी असिस्टेंट उपलब्ध कराया जाए
✔️ डिजिटल कंटेंट राज्य स्तर पर एकसमान बनाया जाए


📍 निष्कर्ष: 4 महीने में जमीन पर दिखने लगेगा बदलाव

सरकारी योजना के अनुसार, अगले 4 महीनों में हर जिले में डिजिटल क्लासरूम पूरी तरह सक्रिय होंगे
यह कदम यूपी को डिजिटल शिक्षा में देशभर में नई पहचान दिला सकता है। 🚀📚


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