दिल्ली दंगा केस में उमर खालिद–शरजील इमाम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में कड़ा विरोध, जम्मू में कश्मीर टाइम्स पर छापेमारी — देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
✍️ सरकारी कलम | राष्ट्रीय सुरक्षा विशेष रिपोर्ट
देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े दो बड़े मामलों में गुरुवार का दिन बेहद अहम रहा। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली दंगों (फरवरी 2020) के आरोपितों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई, वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसआईए ने कश्मीर टाइम्स के दफ्तर और संपादक के घर पर बड़ी छापेमारी कर हथियार बरामद किए।
इसके अलावा यूपी एटीएस ने भी दिल्ली धमाके में सामने आए आतंकी डॉक्टरों के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।
🔥 दिल्ली दंगा केस: सुप्रीम कोर्ट में जमानत का दिल्ली पुलिस ने जोरदार विरोध
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में उमर खालिद, शरजील इमाम समेत सात आरोपितों की जमानत याचिका पर कड़ा विरोध किया।
एएसजी एस.वी. राजू ने अदालत को कहा—
❗ “जब बुद्धिजीवी आतंकवादी बन जाते हैं, तो वे जमीन पर काम करने वालों से भी ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं।”
❗ “अब डॉक्टरों और इंजीनियरों का देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होना एक ट्रेंड बन गया है।”
❗ “ट्रायल में देरी खुद आरोपितों के कारण हुई, अब वे उसी का फायदा उठाना चाहते हैं।”
एएसजी ने शरजील इमाम के CAA विरोधी भाषणों के वीडियो कोर्ट में दिखाए—
➡️ जामिया
➡️ अलीगढ़
➡️ चाखंड
➡️ आसनसोल
और कहा कि ये भाषण साधारण विरोध का हिस्सा नहीं, बल्कि—
🚨 नाकेबंदी कर देश को आर्थिक रूप से अस्थिर करने और सरकार बदलने की योजना का हिस्सा थे।
🎯 शरजील इमाम के विवादित बयान कोर्ट में पेश
एएसजी ने अदालत को बताया कि आरोप-पत्र में शामिल भाषणों में शरजील इमाम ने—
▪️ असम को भारत से अलग करने
▪️ “आपको लाठियां-चोटें सहनी होंगी”
▪️ “चिकन नेक बंद करो”
▪️ “कश्मीर खत्म कर देंगे”
▪️ “विवादित ढांचा, कोर्ट की नानी याद करा देंगे”
जैसे कथनों का इस्तेमाल किया, जो स्पष्ट रूप से उकसाने वाले और हिंसा फैलाने वाले थे।
जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने पूछा—
“क्या ये भाषण आरोप-पत्र में थे?”
इस पर एएसजी ने हाँ कहा।
📌 कश्मीर टाइम्स दफ्तर पर छापा — हथियार, कारतूस और डिजिटल सबूत बरामद
जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसआईए ने गुरुवार सुबह जम्मू स्थित कश्मीर टाइम्स के दफ्तर और इसके मालिक/संपादक के घर पर छापा मारा।
🔍 बरामदगी में शामिल—
✔️ एक पिस्तौल
✔️ तीन गोलियां
✔️ AK-47 के 14 कारतूस के खोल
✔️ तीन जिंदा कारतूस
✔️ तीन हैंड ग्रेनेड के पिन
✔️ कई डिजिटल उपकरण
✔️ महत्वपूर्ण दस्तावेज
एसआईए के अनुसार—
❗ “समाचार पत्र और वेबसाइट के जरिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का प्रसार और देश में असंतोष फैलाया जा रहा था।”
एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है।
छापेमारी सुबह 8 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक चली।
🚨 यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई — आतंकी डॉक्टरों की ‘बी-टीम’ पर शिकंजा
दिल्ली धमाके में डॉक्टरों की संलिप्तता सामने आने के बाद यूपी एटीएस बेहद सक्रिय हो गई है।
जांच एजेंसियों ने चार संदिग्धों को कस्टडी में लिया है—
◼ डॉ. मुजम्मिल
◼ डॉ. शाहीन
◼ डॉ. अदील
◼ मुफ्ती इरफान अहमद
अब उनकी ‘बी-टीम’ यानी—
➡️ संपर्क में रहने वाले युवा
➡️ फंडिंग देने वाले
➡️ तकनीकी मददगार
➡️ कट्टरपंथी समर्थक
—सबकी गहन जांच की जा रही है।
यह माना जा रहा है कि इस नेटवर्क ने कई स्लीपर सपोर्टर्स तैयार किए थे जो मौके पर किसी भी तरह की मदद कर सकते थे।
एनआईए टीम जल्द ही डॉ. शाहीन और डॉ. अदील को उत्तर प्रदेश में लाकर पूछताछ करेगी।
🧾 निष्कर्ष — पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
इन तीनों घटनाओं ने साफ कर दिया है कि—
✔️ दिल्ली दंगे के मुख्य आरोपितों पर मुकदमा बेहद गंभीर है।
✔️ देश-विरोधी नेटवर्कों पर सुरक्षा एजेंसियां सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं।
✔️ मीडिया संस्थानों तक में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों की जांच बढ़ रही है।
✔️ आतंकी मॉड्यूल में ‘बुद्धिजीवी वर्ग’ की संलिप्तता चिंता का गंभीर विषय बनकर उभरी है।
सरकारी कलम इन सभी मामलों की अगली कोर्ट सुनवाई, जांच अपडेट और आधिकारिक बयानों की रिपोर्टिंग लगातार करता रहेगा।
बने रहिए…
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